क्या हमने टैक्स इन गड्ढों में गाड़ी चलाने के लिए दिया था

क्या हमने टैक्स इन गड्ढों में गाड़ी चलाने के लिए दिया था

भोपाल। राजधानी में नगर निगम सालाना औसत 10 करोड़ रुपए नई सड़कों के निर्माण और पुरानी सड़कों के मेंटेनेंस में खर्च करता है, जबकि हर साल बारिश में इनमें से 80 फीसदी सड़कें बारिश में धुल जाती हैं। इस दफा भी यही हाल है, जो सड़कें सांसद, विधायक, महापौर और पार्षद निधि से पांच से सात महीने पहले बनी थीं, वह उधड़ चुकी हैं। इन सड़कों पर डामर ने गिट्टी को छोड़ दिया है। नतीजा यहां बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। इसी तरह जिन सड़कों का बारिश के बाद मेंटेनेंस कराया गया वह सड़कें भी गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं। अहम बात ये है कि खराब हुई सड़कों में भले ही निगम की सड़कें ज्यादा हैं, लेकिन सीपीए और पीडब्ल्यूडी और एनएचएआई की सड़कों की भी स्थिति खराब है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि टैक्स पेयर ने क्या ऐसी सड़कों के लिए टैक्स दिया था।

कहां क्या हालात

* नर्मदा अस्पताल से हबीबगंज रेलवे स्टेशन की तरफ बीआरटीएस में आते ही मोड़ पर पूरी सड़क धंसी हुई है। यहां आधा फीट से ज्यादा गहरा गड्ढा हो चुका है। किनारे मलबे का ढेर रखा हुआ है। फिर 100 मीटर दूर पर कई खतरनाक गड्ढे हैं।

* बीयू के पास बीआरटीएस में कई गड्ढे हो चुके हैं। जिससे वाहन चालकों का संतुलन बिगड़ रहा है।

* रॉयल मार्केट के आगे जैसे ही फ्लाईओवर चालू होता है, वहां करीब 10 फीट लंबाई में सड़क उखड़ चुकी है, जो दुर्घटना का कारण बन सकती है।

* सुल्तानिया अस्पताल के पास दो तीन गहरे गड्ढे हैं, एक में तो पत्थर डाले गए हैं। इससे होकर यदि कोई वाहन गुजरता है तो दुर्घटना होना तय है।

* सोमवारा भवानी चौक के सामने कई गड्ढे हैं। जिसमें पानी जमा है।

* प्रभात चौराहा के एक हिस्से पर पूरी सड़क क्षतिग्रस्त हो चुकी है। यहां करीब आधा फीट तक बड़ा गड्ढा है, जिसमें पानी जमा है। 80 फीट रोड से सुभाष फाटक की ओर आने वाले और भेल क्षेत्र से पुल बोगदा की तरफ जाने वालों के लिए खतरनाक है। यह सड़क राष्ट्रीय राजमार्ग की है।

* बैरागढ़ में चंचल रोड पर बना स्लैब उखड़ चुका है।