अव्यवस्थाओं की सीपीएल, सैंपल देने घंटों मरीज परेशान

अव्यवस्थाओं की सीपीएल, सैंपल देने घंटों मरीज परेशान

ग्वालियर ।  अंचल के सबसे बड़े अस्पताल जेएएच की व्यवस्थाओं को बेहतर किए जाने को लेकर बार-बार विधायक व मंत्रीगण का निरीक्षण होता है, निर्देश भी दिए जाते हैं, लेकिन अंचल के सबसे बड़े अस्पताल की एक मात्र सेन्ट्रल पैथोलॉजी की ओर किसी का ध्यान नहीं जाता है। 24 घंटे चलने वाली सीपीएल में हर रोज जांच के लिए करीब 800 सैंपल आते हैं इनमें सैंपल देने वाले 400 मरीज ओपीडी के रहते हैं। प्रबंधन की अव्यवस्था के चलते ओपीडी में दिखाने आने वाले मरीजों को सैंपल देने के लिए केवल एक ही विंडो रखी है। इस विंडो के बाहर ऐसा कोई दिन नहीं होता है, जब लंबी- लंबी लाइन नहीं लगती हो। ओपीडी में आने वाले मरीजों को इस विंडो पर ही सैंपल देना होता है। हॉस्पिटल में पर्चे की लाइन, डॉक्टर्स के चेकअप की लाइन के बाद दवा की लाइन से जूझने के बाद मरीज को यहां पर भी सैंपल देने के लिए लाइन में लगना पड़ता है। इस विंडो के अलावा प्रबंधन ने सीपीएल में तीन विंडो भी खोल रखी हैं जिनमें से दो विंडो पर जांच रिपोर्ट वितरित की जाती है। एक विंडो वार्ड के सैंपल कलेक्शन के लिए रखी है।

30 का स्टॉफ, मरीजों से होता है अभद्र व्यवहार

इस समय सेन्ट्रल पैथलॉजी लैब में माइक्रोबॉयलॉजी, बायोकैमिस्ट्री एवं पैथोलॉजी के प्रतिदिन करीब एक हजार टेस्ट लग रहे हैं। इन टेस्ट को करने का जिम्मा केवल 30 कर्मचारियों पर है। ब्लड का सैंपल निकलवाने के बाद जब लंबी लाइन में लगने के बाद मरीज का सैंपल देने का समय आता है तो वहां पर मौजूद कर्मचारी मरीजों के साथ अभद्र व्यवहार करते हैं और यह लोग समय पर काम शुरू नहीं करते हैं। कई बार तो मरीजों को लौटा तक दिया जाता है।