ट्रेनों का ट्रैफिक बसों की ओर डायवर्ट, प्राईवेट आपरेर्ट्स की बल्ले-बल्ले

ट्रेनों का ट्रैफिक बसों की ओर डायवर्ट, प्राईवेट आपरेर्ट्स की बल्ले-बल्ले

जबलपुर ।   रेलवे प्रशासन के यार्ड रिमॉडलिंग कार्य के चलते आसपास के जिलों तक आसानी और कम पैसों में सफर करने वाले यात्री एक माह मे लिए परेशान हैंक्योंकि पैसेंजर ट्रेनों में से ज्यादातर बंद हैं। ऐसे में उनके लिए प्राईवेट बसों का ही सहारा है,जो इन दिनों फुल चल रही हैं। प्राईवेट आॅपरेटर चांदी काट रहे हैं। रेलवे ने एक माह के लिए 4 से अधिक पैसेंजर ट्रेनों को रद्द कर रखा है। जिसके कारण आसपास के जिलों का सफर करने वाले यात्री परेशान हैं। ऐसे में वे प्राईवेट बसों का सहारा ले रहे हैं जिनका किराया ज्यादा होने के कारण उन्हें आर्थिक क्षति पहुंच रही है।

मददगार नहीं सूत्र सेवा बसें

वहीं सूत्र सेवा की बसें जिन रूट पर चल रही हैं वहां चूंकि रेल नेटवर्क नहीं है,इसलिए रेल यात्रियों को ये बसें मददगार साबित नहीं हो रही हैं। अपनी सुविधाओं को वाजिब किराए के चलते ये सभी 11 बसें फुल चल रही हैं। फिलहाल ये बसें छिंदवाड़ा,बालाघाट,सागर,पन्ना रूट पर चल रही हैं। अगले माह तक सभी बसों के परमिट क्लीयर हो जाएंगे जिसके बाद 25 बसें चलने लगेंगी।

मेट्रो बनी बड़ा सहारा

वहीं अधारताल स्टेशन से शहर आने व शहर से अधारताल स्टेशन जाने के लिए मेट्रो बसें बड़ा सहारा बनी हुई हैं। आलम यह होता है कि सुबह जब रीवा या सिंगरौली इंटरसिटी के आने व जाने का वक्त होता है तो एक भी आटो स्टेशन पर मौजूद नहीं होता। 700 से 800 यात्रियों को केवल मेट्रो बसों से ही परिवहन कर शहर लाया जाता है। करीब दर्जन भर से ज्यादा बसें अधारताल स्टेशन में इन ट्रेनों के आने व जाने के वक्त मौजूद होती हैं।