डॉग कैफे में पेट्स के साथ खेलकर करें टाइम स्पैंड

डॉग कैफे में पेट्स के साथ खेलकर करें टाइम स्पैंड

भोपाल। इंसान और जानवरों के बीच रिश्तों की गर्मी और उसकी खूबसूरती को अगर आप अपनी आंखों से देखना और महसूस करना चाहते हैं तो इससे बेहतर जगह भोपाल में मिलना शायद मुश्किल है। भोपाल में रोहित नगर के सहयोग विहार में डॉग के लिए बने पहले कैफे 'पॉपीनेस द डॉग कैफे 'की नींव इसी रिश्ते पर टिकी है। भाई- बहन भावेश और तनीशा वरलानी को डॉग से बेहद लगाव है। इसी लगाव के चलते दोनों ने मिलकर स्टार्टअप डॉग कैफे ओपन किया। 'पॉपीनेस द डॉग कैफे ' की ओपनिंग के दिन से ही जिस तरह से लोगों का रिस्पॉन्स मिला उसे देखते ही बिजनेसमैन पिता संजीव समझ गए कि उनके बच्चों ने कुछ खास कर दिया है। दो महीने के अंदर ही कैफे हिट हो गया। यहां 5 पेट डॉग और उनके चाहने वाले कैफे में ऐसे घुल मिल गए जैसे सब एक दूसरे को बहुत अरसे से जानते हों। इस कैफे का दरवाजा खुलते ही आपको कुत्तों की जोरदार गुर्राहट सुनाई पड़ेगी,लेकिन कुछ ही देर में ये गुर्राहट प्यार में बदल जाएगी क्योंकि आपके स्वागत के लिए यहां मौजूद कोला और व्हिस्की आपको अपना बना लेंगे।

दो हिस्सों में बंटा है कैफे

आसपास के इलाकों में काम करने वाले लोग आॅफिस जाते वक्त, आॅफिस ब्रेक के दौरान और आॅफिस से छुट्टी के बाद भी यहां आ जाते हैं और कुत्तों के साथ खेल कर अपनी थकान मिटाते हैं। साथ ही यंगस्टर्स स्कूल-कॉलेज से आकर इन पेट्स के साथ खेलते हैं। दो भागों में बंटे इस कैफे के एक हिस्से में प्ले जोन है। जहां पेट्स हैं और उनके लिए टॉयज हैं। साथ ही आउटसाइड में कैफे है। जहां लोग अपनी पसंदीदा डिश आॅर्डर कर सकते हैं।

इनके साथ खेलकर दूर होता है स्ट्रेस

फैशन डिजाइनर गिन्नी प्रसाद ने बताया कि ‘मुझे पेट्स से बचपन से प्यार है। घर पर पेट्स नहीं है। मैं हमेशा सोचती थी कि इन्हें पालूंगी, लेकिन मौका नहीं मिल पाया। इस कैफे में आकर इन नए दोस्तों के साथ खेलती हूं तो सारा स्ट्रेस दूर हो जाता है। एक तरह से यह मेरे लिए स्ट्रेस बस्टर है।’

जब भी फ्री होती हूं इन पेट्स से मिलने आती हूं

थिएटर और टीवी एक्ट्रेस पिंकी शर्मा ने बताया कि ‘मैं जब भी फ्री होती हूं। इन पेट्स से मिलने आती हूं। बहुत सुकून मिलता है। अब तो यह सब मुझे पहचानने लगे हैं। मेरे फ्रेंड्स को भी लेकर आती हूं। साथ ही थिएटर और टेलीविजन के मेरे साथी भी मेरे साथ अब आने लगे हैं।

जिनके पास पेट्स नहीं वो कर सकते हैं यहां आकर एंजॉय

तनीशा वरलानी ने बताया कि मेरी बहुत सी फ्रेंड्स मेरे घर मेरे पेट्स से खेलने आती थीं। तब हमें लगा कि जिनके पास पेट्स नहीं है। जो पेटलवर्स हैं। उनके लिए यह स्टार्टअप काफी अच्छा है। हमने कैफे में स्पेशल प्ले जोन बनाया। जहां पेट्स के साथ लोग टाइम स्पेंड कर सकें। इस तरह हमने यह डॉग कैफे शुरु किया। सभी डॉग हमारे साथ बचपन से हैं। इन्हें ट्रेनर ट्रेनिंग भी देते हैं। यह बच्चों से लेकर बड़ों के साथ खूब मस्ती करते हैं। इनके लिए बॉल और दूसरे टॉयज भी इस कैफे में मौजूद हैं।