पेजयल सप्लाई टैंक में मिली गंदगी अधिकारियों ने दिए गोल-मोल जवाब

पेजयल सप्लाई टैंक में मिली गंदगी अधिकारियों ने दिए गोल-मोल जवाब

ग्वालियर । शहर में आने वाले पीले पानी की शिकायतों के चलते कांग्रेस पार्षद दल ने तिघरा स्थित ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण किया। इसमें सफाई के बाद शहरवासियों को सप्लाई के लिए एकत्रित वाटर टैंक में जबरदस्त गंदगी होने का खुलासा हुआ। साथ ही पानी में गंदगी के अलावा एलम (फिटकरी वाला मिश्रण) या पीएसी(पोटेशियम परमैग्नेट) मिलाने की जानकारी न दे पाने के चलते अधिकारी विपक्षी नेताओं के सामने हकलाते हुए गोल-मोल जवाब देते हुए नजर आए। शनिवार दोपहर 2 बजे कांग्रेस पार्षद दल ने नेता प्रतिपक्ष कृष्णराव दीक्षित के नेतृत्व में ग्वालियर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र को पेयजल सप्लाई देने वाले 45 एमएलडी वाले तिघरा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट पर निरीक्षण के लिए पहुंचे। जहां प्लांट से ट्रीट हुए पानी के अ‍ैंकों में सप्लाई से पहलेपार्षदों को जबरदस्त गंदगी दिखी। उन्होंने तत्काल बाल्टी व रस्सी मंगाकर गंदगी वाले स्थान से पानी खिंचवाया, तो शहर में सप्लाई होने के लिए तैयार पानी में गंदगी होने का खुलासा हो गया। इसके बाद कांग्रेस पार्षदों ने मौके पर मौजूद अधीक्षण यंत्री आरएलएस मौर्य से गंदगी के बारे में पूछा, तो पहले उन्होंने पेयजल सप्लाई वाले टैंक व गंदगी मिलने वाले टैंक को अलग-अलग बता दिया। लेकिन पार्षदों की खोजबीन में एक ही टैंक होने पर उन्होंने पार्षदों को एलम व पीएसी के बाद आने वाले कचरे को ऊपरी-ऊपरी सतह पर कुछ हिस्से में होना बताया। लेकिन अनदेखी उजागर होने के चलते पार्षदों का गुस्सा शांत नहीं हुआ और उन्होंने एलम व पीएसी रखने वाले कक्ष में पहुंचकर स्टॉक माल की जांच की, जहां दिनरात लगने वाले एलम की मात्रा कम होने पर कड़ी आपत्ति दर्ज करवाई गई। इससे पहले पार्षद दल ने वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के पानी के 8 सफाई चेंबरों की प्रोसेस समझकर सफाई के दौरान चेंबर में बैकवाश होते व मीडिया फिल्टर के साथ हल्की- फुल्की काई होने की जानकारी ली। मौके पर परिषद में उपनेता प्रतिपक्ष चतुर्भुज धनौलिया, चन्दू सेन, कांग्रेस जिलाध्यक्ष देवेन्द्र शर्मा, व पार्षद विनोद यादव (माठू), इरफान तबुस्सुम बेग, राजेश भदौरिया, हरिपाल मौजूद रहे।

बुलाने पर 7 पार्षद पहुंचे प्लांट, तीन ने किया किनारा

कांग्रेस पार्षद दल की बैठक होने के बाद सभी 10 कांग्रेस पार्षदों को शनिवार की दोपहर तिघरा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट जाने का बुलावा था, लेकिन निरीक्षण पर जाने के दौरान पार्षद विकास जैन (टोनी), गंगा अलबेल सिंह घुरैया व उपासना संजय यादव गायब रहे। वहीं तिघरा प्लांट पर गंदगी मिलने के बाद पार्षदों में मोतीझील प्लांट का निरीक्षण आगामी समय में करने की सहमति बनी।

गलत जानकारी देने के फेरे में उलझे अधिकारी

प्लांट पर पहुंचते ही कांग्रेस पार्षद दल द्वारा वाटर ट्रीटमेंट प्रक्रिया देखने पर मौजूद इंजीनियर प्रीतम रावत व केसी अग्रवाल ने बताया कि पानी में एलम की जगह पीएसी मिलाई जा रही है, इसी बीच मौके पर पहुंचे अधीक्षणयंत्री आरएलएस मौर्य ने कांग्रेस पार्षदों को पीएसी के जगह पानी में एलम मिलाने की जानकारी बता दी और कहा कि पीएसी मिलाने से पानी में मौजूद आयरन की मात्रा ज्यादा होने पर पीलापन की शिकायत आती है। गोल-मोल जवाब आने पर पार्षद दल के तेवर तीखे हो गए और उन्होंने अधिकारियों को हड़काते हुए सही जानकारी देने को कहा। जिसके बाद बताया गया कि पीएसी व एलम दोनों का उपयोग किया जा रहा है।