आयुष्मान कार्ड वाले मरीजों से भी मंगा रहे बाहर की दवाईयां

आयुष्मान कार्ड वाले मरीजों से भी मंगा रहे बाहर की दवाईयां

ग्वालियर ।  गरीबी रेखा के नीचे आने वाले मरीजों के लिए बनाए गए बीपीएल कार्डधारक हों या फिर मोदी सरकार द्वारा इलाज के लिए चलाई गई आयुष्मान भारत योजना। जेएएच में इलाज के लिए आने वाले मरीजों के पास यह कार्ड होने के बावजूद भी डॉक्टर बाहर से दवाईयां मंगा रहे हैं इलाज के लिए आने वाले मरीजों को मजबूरी में यह दवाईयां खरीदकर लानी पड़ रही हैं। जो मरीज दवा नहीं ला पा रहे हैं, वह लंबे समय से अस्पताल में भर्ती है, उनका उपचार की केवल औपचारिकता चल रही है। शासन का साफ आदेश है कि आयुष्मान भारत योजना के तहत कार्ड धारकों को परिवार का 5 लाख रुपए तक का उपचार एक साल में उपलब्ध कराया जाए और उनसे इलाज का कोई भी सामान या फिर दवाईयां बाहर से नहीं मंगाई जाएं, इसके बाद भी जेएएच के आर्थोपेडिक वार्ड में भर्ती मरीजों से बाहर से दवाईयां व सामान मंगाया जा रहा है। यही नहीं डॉक्टर्स के ऐसे रवैए से परेशान होकर कुछ मरीजों ने सीएम हेल्पलाइन तक पर गुहार लगाई है।

कॉलेज प्रबंधन का अटका पेमेंट

आयुष्मान भारत योजना के तहत किए जाने वाले इंप्लांट के लिए का पैसा कॉलेज प्रबंधन को सरकार द्वारा उपलब्ध कराया जाता है। जानकारी के मुताबिक इस योजना के तहत कॉलेज प्रबंधन को 50 लाख रुपए का भुगतान होना है, लेकिन प्रबंधन का 29 लाख रुपए का पेमेंट अटका हुआ है। दूसरी ओर सीएम हेल्पलाइन पर शिकायतों की संख्या बढ़ती जा रही है।