पांच दिन की हड़ताल से केंद्र सरकार को लगा पौने दो अरब का चूना

पांच दिन की हड़ताल से केंद्र सरकार को लगा पौने दो अरब का चूना

जबलपुर ।  निगमीकरण का विरोध करते हुए मध्यप्रदेश की 6 आयुध निर्माणियों के करीब 18 हजार से अधिक कर्मियों ने पांच दिन तक रक्षा उत्पादन नहीं किया। इस तरह फैक्ट्रियों में करीब डेढ़ अरब रुपए का नुकसान हुआ है, वहीं बिना काम के कर्मचारियों को 15 से 20 करोड़ रुपए का वेतन भी मुμत में देना पड़ेगा। गौरतलब है कि देश भर की 41 आयुध निर्माणियों के कर्मचारी संगठनों ने संयुक्त निर्णय कर 20 अगस्त से आंदोलन की शुरूआत की थी। एक माह तक चलने वाली इस हड़ताल में प्रदेश की आयुध निर्माणी खमरिया जबलपुर, जीसीएफ जबलपुर, व्हीएफजे जबलपुर, जीआईएफ जबलपुर, आयुध निर्माणी कटनी तथा आयुध निर्माणी इटारसी में लगातार पांच दिन तक रक्षा उत्पादन नहीं हो सका।

व्हीकल फैक्ट्री जबलपुर

व्हीकल फैक्ट्री जबलपुर में 4 हजार के करीब अधिकारी व कर्मचारी हैं। यहां वर्तमान में एलपीसी वाहन का निर्माण हो रहा है और 48 घंटे काम चलने पर 7 गाड़ी तथा 54 घंटे में 11 गाड़ियों का निर्माण किया जाता है। इस तरह सैन्य वाहनों के निर्माण कार्य ठप होने से प्रतिदिन 2 करोड़ रुपए के नुकसान का अनुमान है।

जीसीएफ जबलपुर

गज कैरिज फैक्ट्री जबलपुर में लगभग 650 कर्मचारी अधिकारी हैं। यहां बोफोर्स, एलएफजी, टी-90 तथा टी 70 टू का निर्माण किया जा रहा है। 5 दिन ठप रहे रक्षा उत्पादन से करीब 40 करोड़ रुपए का नुकसान अनुमानित है।

आयुध निर्माणी कटनी

आयुध निर्माण कटनी में 15 सौ अधिकारी कर्मचारी पदस्थ हैं। यहां कारतूसों के कार्टेज बनाए जा रहे हैं। जिसमें 303, 7.6 का काम मुख्य है। यहां 5 दिन की हड़ताल से 8 करोड़ रुपए के नुकसान का अनुमान लगाया गया है।ओएफके जबलपुर आयुध निर्माण खमरिया में करीब 6 हजार 9 सौ कर्मचारी व अधिकारी हैंं, यहां वर्तमान में मैंगो, 551, 84 एमएम, टीपीटी, व्हीएमपी-2, एपीटी, एटीआई, एटीआईटी बम, ए-670, 104 फ्यूज़ तथा 81एमएम लांचर का निर्माण किया जा रहा है। यहां प्रतिदिन लगभग 7 करोड़ रुपए का नुकसान यानी कि 5 दिन में 35 करोड़ का नुकसान हुआ है।

आयुध निर्माणी '

इटारसी आयुध निर्माणी इटारसी में 23 सौ कर्मचारी व अधिकारी कार्यरत हैं। यहां मिसाईल, पिनाका, आकाश, बूस्टर तथा फास्टेरर का निर्माण मुख्य रूप से किया जा रहा है। 5 दिन की हड़ताल में यहां भी 30 करोड़ रुपए नुकसान का अनुमान है।