लाइन से मिलेगा छुटकारा, एक क्लिक पर मिलेगी हर डिटेल

लाइन से मिलेगा छुटकारा, एक क्लिक पर मिलेगी हर डिटेल

ग्वालियर। जयारोग्य अस्पताल में हॉस्पिटल इंफोर्मेशन मैनेजमेंट सिस्टम सॉफ्टवेयर लागू कराने के लिए कंपनी आईटीएससी के अधिकारियों ने शुक्रवार को जीआरएमसी में प्रजेंटेशन दिया। कंपनी प्रतिनिधियों ने बताया कि इस सॉफ्टवेयर के आने के बाद प्रबंधन के साथ ही मरीजों की समस्या हल हो जाएगी। उन्हें पर्चे बनवाने की लाइन में घंटों तक नहीं लगना पड़ेगा। इसके साथ ही वह घर बैठे ही ओपीडी के लिए आॅनलाइन अपॉइंटमेंट ले सकेंगे। साथ ही वह अपने पंसदीदा डॉक्टर्स को भी चुन सकेगा। वहीं प्रबंधन के पास हर मरीज के केस की हिस्ट्री तो रहेगी ही। इसके अलावा एचआईएमएस सिस्टम सॉफ्टवेयर भी बताएगा। इससे अनावश्यक कागजी कार्रवाई से बचा जा सकेगा। भोपाल से प्रजेंटेशन देने आईटीएससी कम्पनी के सीईओ संजीव कुमार व अभिषेक कुमार ग्वालियर आए। गजराजा मेडिकल कॉलेज के सभाकक्ष में दोपहर 12:30 बजे कंपनी के सीईओ ने विधायक मुन्नालाल गोयल, संभागायुक्त बीएम शर्मा, डीन डॉ. भरत जैन, अधीक्षक डॉ. अशोक मिश्रा व समस्त विभागाध्यक्षों के समक्ष एचआईएमएस सिस्टम सॉफ्टवेयर का प्रजेंटेशन दिया। प्रजेंटेशन के दौरान विभागाध्यक्षों ने कम्पनी के सीईओ से सवाल-जवाब कर अपनी परेशानियों को रखा। कई सवालों के जवाब कंपनी के अधिकारियों पास नहीं थे, उन्हें वह टालते नजर आए। सीईओ ने संभागायुक्त बीएम शर्मा को बताया कि एचआईएमएस सिस्टम वर्तमान में मध्यप्रदेश के 12 जिला अस्पताल, हमीदिया मेडिकल कॉलेज भोपाल व गैस राहत मेडिकल कॉलेज भोपाल में वर्ष 2006 से कार्य कर रहे हैं। वर्ष 2006 में इस सॉफ्टवेयर को डवलप किया गया है। एचआईएमएस सिस्टम के लागू होने के बाद एक वर्ष में करीब 2.24 करोड़ रूपए का खर्चा प्रतिवर्ष आएगा।

एनआईसी और एचआईएमएस सॉफ्टवेयर में अंतर

एनआईसी और एचआईएमएस सॉफ्टवेयर में कंपनी के सीईओ ने अंतर भी बताया। सीईओ संजीव कुमार ने बताया कि एनआईसी सिस्टम केवल ओपीडी और आईपीडी दर्शाती है, जबकि एचआईएमएस सिस्टम में ओपीडी, आईपीडी, ड्रग रिपोर्ट, कैश कलेक्शन, नर्सिंग रोस्टर सहित अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।