गोल्ड मेडलिस्ट जुसैना ने कहा प्रोफेसर्स ने मेरे स्टूपिड आइडिया भी ध्यान से सुने

गोल्ड मेडलिस्ट जुसैना ने कहा प्रोफेसर्स ने मेरे स्टूपिड आइडिया भी ध्यान से सुने

भोपाल। भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान भोपाल (आईआईएसईआर) का सातवां दीक्षांत समारोह भौरी स्थित कैंपस में आयोजित किया गया। जिसमें 146 बीएस-एमएस ड्यूल डिग्री उपाधि, तीन बीएस उपाधि, 22 एमएस उपाधि और 31 पीएचडी डिग्री दी गर्इं। इस मौके पर इंटर यूनिवर्सिटी सेंटर फॉर एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिजिक्स एमेरिटस प्रोफेसर जयंत वी नार्लिकर और आईआईएसईआर भोपाल के पूर्व डायरेक्टर विनोद सिंह मौजूद रहे। नार्लिकर ने एक कहानी के माध्यम से समझाया कि किसी भी फील्ड में काम करें उसमें एक्सीलेंस के लिए प्रयासरत रहें, हालांकि यह सभी के लिए संभव नहीं लेकिन कोशिश करते रहना चाहिए। इस मौके पर प्रेसीडेंट गोल्ड मेडल जुसैना इय्यातियिल और डायरेक्टर्स गोल्ड मेडल अमृता ए.राज को दिया गया।

स्टूडेंट्स से शेयर किए अपने प्रिंसिपल्स

प्रो. विनोद सिंह ने कहा मैंने अपनी जिंदगी कुछ रूल्स और प्रिंसिपल्स से साथ बिताई, जिन्हें अपने बच्चों के साथ भी शेयर करता हूं और आज आप सभी के साथ शेयर करना चाहता हूं। उन्होंने कहा कि भारत में कई संस्थान आज भी स्तरीय नहीं है। भारत में रुपए पैसे की कमी नहीं है, बल्कि सस्टेनिबिल्टी की कमी के कारण लोग गरीब हैं। कभी यह सवाल न करों कि देश ने आपके लिए क्या किया, यह सवाल खुद से पूछें कि आपने देश के लिए क्या किया।