गूगल का फरमान, आफिस में काम पर ध्यान दें कर्मचारी- अधिकारी, राजनीतिक बहस की तो जा सकती है नौकरी भी

गूगल का फरमान, आफिस में काम पर ध्यान दें कर्मचारी- अधिकारी, राजनीतिक बहस की तो जा सकती है नौकरी भी

कैलिफोर्निया। सर्च इंजन गूगल ने अपने कर्मचारियों के लिए नया फरमान जारी किया है। इसके तहत उन्हें आफिस में किसी भी तरह की राजनीतिक बातें नहीं करने की ताकीद की गई है। इस फरमान का उल्लंघन करने को अनुशासनहीनता माना जाएगा। ऐसा करने पर कर्मचारी की नौकरी भी जा सकती है। दरअसल, कुछ समय से यह जानकारी सामने आ रही थी कि गूगल में कर्मचारी अक्सर राजनीतिक बहस में पड़े रहते हैं। ऐसे में गूगल ने कर्मचारियों को एक दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहा है कि वह दμतर में राजनीति समेत अन्य गैर जरूरी मुद्दों पर बहस करने की बजाए अपने काम पर ध्यान दें। अलग-अलग विभागों के मैनेजरों और फोरम का नेतृत्व करने वाले लोगों को इसे सुनिश्चित करने को कहा गया है और इसका उल्लंघन करने वाले के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई किए जाने को लेकर सावधान भी किया गया है। इस बात की पुष्टि गूगल के जारी किए गए दिशा-निर्देश में उन बातों से भी होती है जिसमें कहा गया है कि कर्मचारियों के बीच राजनीतिक मसले पर बहस होगी तो वो सार्वजनिक होगी। इसके लिए कंपनी को जिम्मेदार ठहराया जाएगा जिससे गलत प्रभाव पड़ेगा क्योंकि कंपनी किसी भी उत्पाद, कारोबार या फिर राजनीतिक विमर्श से दूर रहती है, इसलिए कर्मचारियों को गलत बयान देने से बचना चाहिए. ऐसा होने पर लोगों के बीच हमारी कंपनी से भरोसा कम होगा।

पूर्व इंजीनियर ने लगाया था चुनाव में हेरफेर का आरोप

गूगल से निकाले गए एक इंजीनियर के बयान को आधार बनाते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने आरोप लगाया था कि गूगल ने डेमोक्रेटिक पार्टी की राष्ट्रपति उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन के पक्ष में 16 मिलियन वोटों का हेरफेर किया था। हालांकि, गूगल ने बयान को बेबुनियाद बताते हुए कहा था कि कंपनी किसी भी तरह का राजनीतिक झुकाव नहीं रखती है।