एंड्रॉयड-10 की तैयारी पुरानी खामियों को खत्म करेगा गूगल

एंड्रॉयड-10 की तैयारी पुरानी खामियों को खत्म करेगा गूगल

नई दिल्ली। गूगल ने अपने एंड्रॉयड मोबाइल आपरेटिंग सिस्टम के नए वर्जन एंड्रॉयड - 10 की घोषणा कर दी है। यह आपरेटिंग सिस्टम काफी अपडेट होगा। इस बीच जानकारी सामने आ रही है कि आपके ऐंड्रॉयड फोन में 193 ऐसी खामियां हैं, जिनकी मदद से हैकर्स आपकी डिवाइस कंट्रोल कर सकते हैं। माना जा रहा है कि गूगल अपने नए एंड्रॉयड वर्जन में इन खामियों को खत्म करेगा। गूगल का भी मानना है कि ऐंड्रॉयड डिवाइस की सिक्योरिटी से जुड़ी ज्यादा से ज्यादा खामियों को एक ही रिलीज में पूरी तरह ठीक कर लिया जाएगा। गूगल ने ऐंड्रॉयड सिक्योरिटी बुलेटिन में कहा-एंड्रॉयड 10 रिलीज के साथ ही डिफॉल्ट 2019-09-01 सिक्योरिटी पैच लेवल के साथ आएगा। यानी 01 सितंबर 2019 या इसके बाद खरीदे गए एंड्रॉयड 10 में हैकर्स गड़बड़ी नहीं कर सकेंगे। जो यूजर्स अपना एंड्रॉयड अपडेट कर लेंगे वह भी सिक्योरिटी से जुड़े नए फीचर पा सकेंगे।

लेटेस्ट ओएस अपडेट जरूरी

गूगल का कहना है कि उनके पास इनकी मदद से डिवाइसेज को नुकसान पहुंचाने का कोई मामला अब तक सामने नहीं आया है। इसका मतलब यूजर्स के लिए लेटेस्ट ऐंड्रॉयड-10 अपडेट डिवाइस में इंस्टॉल करना होगा। गूगल का कहना है कि ऐंड्रॉयड वर्जन के लेटेस्ट अपडेट में ऐसी बहुत सी खामियों को दूर कर दिया गया है। बुरी खबर यह है कि जिन पुराने डिवाइसेज को लेटेस्ट ऐंड्रॉयड 10 अपडेट नहीं मिलेगा, उनपर हैकर्स की मदद करने वाली ये खामियां अब भी मौजूद हैं और डेटा चोरी का रिस्क है। इसके अलावा गूगल ने अपने ऐप स्टोर में भी हाल ही में कई जरूरी बदलाव किए हैं।

गूगल प्ले स्टोर भी होगा प्रटेक्ट

गूगल प्ले स्टोर पर अब किसी भी ऐप को तुरंत पब्लिश नहीं किया जा सकता। किसी भी नए ऐप को प्ले स्टोर पर दिखने से पहले अप्रूवल के लिए कम से कम तीन दिन लगते हैं। इसके अलावा डेवलपर्स को कोई तय डेटा या टाइम नहीं बताया गया है कि अप्रूवल प्रोसेस कब खत्म होगा। गूगल का कहना है कि कम से कम तीन दिन का वक्त यूजर्स को मैलवेयर और ऐडवेयर से प्रटेक्ट रखने के लिए लिया जा रहा है। गूगल प्ले प्रोटेक्ट की मदद से प्ले स्टोर और यूजर्स के डिवाइसेज में मौजूद ऐप्स को स्कैन किया जाता है, जिससे मैलिशस ऐप्स का पता लगाया और उन्हें हटाया जा सके। नई पॉलिसी के बाद ऐसे ऐप्स का प्ले स्टोर पर पहुंचना आसान नहीं रहेगा।