गेल के विभाजन पर हो रहा विचार

गेल के विभाजन पर हो रहा विचार

नई दिल्ली। सरकार गेल इंडिया लिमिटेड के पाइपलाइन कारोबार को एक अलग कंपनी बनाकर उसे रणनीतिक निवेशक को बेचने पर विचार कर रही है। सूत्रों ने यह जानकारी दी है। गेल देश की सबसे बड़ी प्राकृतिक गैस विपणन कंपनी है। देश के 16,234 किमी पाइपलाइन नेटवर्क का दो-तिहाई से अधिक का स्वामित्व उसके पास है। प्राकृतिक गैस के उपयोगकर्ता अक्सर शिकायत करते रहे हैं कि अपने ईंधन के परिवहन के लिए वे 11,551 किलोमीटर लंबे पाइपलाइन नेटवर्क का इस्तेमाल नहीं कर पाते हैं। एक ही कंपनी के पास दोनों कारोबार होने की वजह से पैदा हो रही इस तरह की समस्याओं को दूर करने के लिए गेल के विभाजन पर विचार किया जा रहा है।