आधा घंटा हुई झमाझम से सड़कों औरनिचली बस्तियों में भरा पानी

आधा घंटा हुई झमाझम से सड़कों औरनिचली बस्तियों में भरा पानी

इंदौर। मानसून की बारिश चरम पर पहुंच गई है। मंगलवार को करीब आधे घंटे की झमाझम बारिश के चलते सड़कें तालाब बन गर्इं, जबकि निचली बस्तियों, खाली प्लॉटों, नालियों, और चेंबरों में पानी भर गया। इस आधे घंटे की बारिश के चलते जहां तापमान में गिरावट आ गई, वहीं जलभराव के कारण लोगों की परेशानियां बढ़ गर्इं। मौसम विभाग के मुताबिक रात 8.30 बजे तक शहर में 21.4 एमएम बारिश दर्ज कई गई। इस तरह इस मौसम में अब तक 673 एमएम यानी लगभग 26.49 इंच (करीब 27 इंच) बारिश हो चुकी है।

अगस्त माह की पहली झमाझम बारिश

सुबह से शहर में बारिश जैसा माहौल बना हुआ था। दोपहर को करीब 1 बजे शहर में मात्र 15 से 20 मिनट तक तेज बारिश हुई थी। उसके बाद मौसम खुल गया था, लेकिन शाम होते ही मौसम ने एक बार करवट ली और चार और पांच बजे के बीच झमाझम बारिश हो गई। आधे घंटे तक जमकर बरसी बारिश से शहर की सड़कें तालाब का रूप धारण कर गर्इं। एमवाय, नवलखा, दवा बाजार, रीगल, बीआरटीएस, चंदन नगर, राजमोहल्ला आदि स्थानों पर जहां सड़कों पर पानी भर गया, वहीं कई इलाकों में जलभराव की स्थिति देखी गई। कई जगह वाहनों का लगा जाम - सबसे बुरे हालात उन कॉलोनियों के हैं, जहां पर खाली प्लॉट हैं और उनमें पानी भर गया। सड़कों पर पानी भरा होने के कारण हालांकि राहगीरों को दिक्कत हुई, और जगह-जगह टैफिक जाम जैसी स्थिति बन गई। सुयश हॉस्पिटल से इंडस्ट्री हाउस तक वाहनों का लंबा जाम लग गया। इसके कारण लोगों को काफी परेशानी हुई। इसी प्रकार पलासिया चौराहे से विजय नगर तक भी वाहनों का लंबा जाम लगा रहा।

मौसम विभाग का अनुमान आज भी झमाझम के आसार

वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक एके शुक्ला ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम बनने के संकेत मिल रहे हैं। इसके असर से प्रदेश में 14 अगस्त से फिर तेज बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार रात 8.30 बजे तक शहर में 21.4 एमएम बारिश दर्ज कई गई। इस तरह इस मौसम में अब तक 673 एमएम यानी लगभग 26.49 इंच बारिश हो चुकी है, जो औसत बारिश 34 इंच से 8 इंच कम है।

यशवंत सागर क्षमता से तीन इंच ऊपर

शहर में आधे घंटे हुई इस झमाझम बारिश से यशवंत सागर तालाब पर कोई खास असर नहीं पड़ा है। जलकार्य समिति के प्रभारी बलराम वर्मा ने बताया कि 19 फीट क्षमता वाले इस तालाब में क्षमता से तीन इंच ऊपर यानी 19.3 इंच पानी भरा हुआ है, लेकिन अभी गेट खोलने जैसी स्थिति नहीं बनी है। अगर इसके ऊपर पानी आया तो गेट खोल दिए जाएंगे।