हरिशंकर परसाई की तीन कहानियों को फिर किया जीवंत

हरिशंकर परसाई की तीन कहानियों को फिर किया जीवंत

भोपाल। मप्र नाट्य विद्यालय में मंगलवार को व्यंग्यकार हरिशंकर परसाई की कहानी पर केंद्रित तीन नाट्य प्रस्तुतियों परसाई के संग ‘प्रेम के तीन रंग’ का प्रदर्शन हुआ। प्रेम, परिवार, न्याय और पति-पत्नी की नोंक-झोंक को दिखाती इस प्रस्तुति का निर्देशन एनएसडी के पूर्व डायरेक्टर और वरिष्ठ रंगकर्मी देवेंद्रराज अंकुर ने किया। इस प्रस्तुति को नाट्य विद्यालय के वर्ष 2018-19 बैच के स्टूडेंट्स ने प्रस्तुति दी। प्रेमियों की वापसी यह ऐसे प्रेमियों की कहानी है जो समाज के बंधनों तथा रीति रिवाजों से मुक्त होकर प्रेम करना चाहते है। वे मरने के बाद वे सभी बंधनों से मुक्त होकर स्वर्ग में प्रेम करने करने का निर्णय लेते है और आत्महत्या कर लेते है। कहानी के माध्यम से परसाई ने व्यंग्यात्मक रूप से प्रेम-प्रेमियों की उस मनोदशा को दर्शाया है जो प्रेम के दौरान समाज को ठुकरा कर इस तरह के निर्णय लेने को मजबूर करती है।

एक फिल्म कथा

ये कहानी राकेश और रंजना की प्रेम कथा है, जो कई उतार-चढ़ाव से भरी हुई है। रंजना एक गरीब परिवार की लड़की है, वहीं राकेश एक करोड़पति बाप का इकलौता लड़का है। एक दिन राकेश रंजना को गुंडो से बचाता है, दोनों में प्रेम होता है और बात शादी तक पहुंचती है, लेकिन राकेश के पता इस रिश्ते को लेकर राजी नहीं है। वहीं, दूसरी ओर कहानी में एक मुख्य मोड आता है, जब इस कहानी का खलनायक सुरेंद्र सिंह रंजना के पिता हर प्रसाद में से अपने दिए गए कर्ज के बदले रंजना से शादी करने का प्रस्ताव रखता है।