प्राइवेट बैंकों के प्रमुखों को 70 साल में होना पड़ेगा रिटायर

प्राइवेट बैंकों के प्रमुखों को 70 साल में होना पड़ेगा रिटायर

मुंबई। प्राइवेट बैंकों के प्रमुखों की रिटायरमेंट की उम्र को लेकर भारतीय रिजर्व बैंक ने अपने दिशा-निर्देशों में नरमी लाने से साफ इनकार कर दिया है। उसने दो टूक कहा है कि दिशा-निर्देशों के अनुसार प्राइवेट बैंकों के प्रमुखों को 70 साल की उम्र में अनिवार्य रूप से रिटायर होना पड़ेगा। 

रिटायरमेंट को लेकर काफी समय से खींचतान

प्राइवेट बैंकों के प्रमुखों की रिटायरमेंट की उम्र को लेकर निजी बैंकों और आरबीआई के बीच काफी समय से खींचतान चल रही थी। जहां बैंकर संकेत दे रहे थे कि बैंकिंग रेगुलेटर रिटायरमेंट की उम्र की समीक्षा कर रहा है। वहीं, सूत्रों ने बताया कि कुछ महीने पहले आरबीआई ने दो बैंकों को अपने फैसले से अवगत करा दिया। इन दोनों बैंकों के प्रमुखों की उम्र रिटायरमेंट के नजदीक आ रही है। कई को उम्मीद थी कि उन्हें एक्सटेंशन मिल जाएगा। कुछ बैंकरों ने यह मुद्दा उठाया था। उनका कहना था कि आरबीआई को नियमों में बदलाव करने की जरूरत है। नए कंपनी कानून की तर्ज पर निजी बैंकों के सीईओ की रिटायरमेंट की उम्र भी 75 साल तक कर दी जाए। आरबीआई का मत है कि प्राइवेट बैंक के प्रमुख की रिटायर की उम्र 70 साल मुनासिब है। इसकी वजह यह है कि बैंकिंग काफी प्रेशर वाला जॉब है। इसमें काफी समय देना पड़ता है। सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय बैंक ने कहा कि यह मंत्री के काम जैसा नहीं है, जहां उन्हें अधिकारियों की टीम का सहारा मिलता है. 

एचडीएफसी बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर और इंडसइंड बैंक के चीफ पर सबसे पहले असर

रिजर्व बैंक के इस फैसले का असर एचडीएफसी बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर व सीईओ आदित्य पुरी और इंडसइंड बैंक के चीफ रोमेश सोबती पर सबसे पहले पड़ेगा। इस आदेश के बाद पुरी को अगले साल अक्टूबर और सोबती को इस वित्त वर्ष अंत से पहले रिटायर होना पड़ेगा। उम्मीद की जा रही थी कि सोबती के लिए बोर्ड सेवा विस्तार की मांग का प्रस्ताव लाएगा। हाल ही में एचडीएफसी बैंक ने शशिधर जगदीशन को नियुक्त कर तमाम महत्वपूर्ण पोर्टफोलियो की जिम्मेदारी दी है। कई सालों तक बैंक में दूसरे नंबर पर रहे पारेश सुक्थांकर ने पिछले साल इस्तीफा दे दिया था।