पूरी रकम लेने के बाद भी बिल्डर बनाकर नहीं दे रहे घर, लोग परेशान

पूरी रकम लेने के बाद भी बिल्डर बनाकर नहीं दे रहे घर, लोग परेशान

भोपाल  । जिला उपभोक्ता फोरम में इन दिनों बिल्डर्स के खिलाफ सबसे ज्यादा मामले पहुंच रहे हैं। हाल यह हैं कि हर महीने 20-25 मामले आ रहे हैं। सभी मामलों में एक ही बात सामने आ रही है कि उपभोक्ताओं द्वारा पूरी रकम देने के बाद भी बिल्डर्स तय समय में घर पूरा नहीं बना रहे हैं।

केस-1 : उपभोक्ता को लौटाने होंगे 12 लाख रु.

पिपलानी निवासी अगम गुप्ता व वीएस गुप्ता ने चिनार बिल्डर्स के खिलाफ शिकायत की। इसमें बताया कि 12 लाख में सितंबर 2012 को μलैट बुक कराया था। एचडीएफसी बैंक से 9 लाख 99 हजार का लोन लेकर व पास के 1 लाख 21 हजार रुपए बिल्डर को दिए। बिल्डर ने 30 माह में μलैट सौंपने के लिए कहा था, लेकिन चार साल बाद भी μलैट का निर्माण भी शुरू नहीं हुआ। मामले में फोरम ने बिल्डर को दो माह में 12 लाख 14% ब्याज के साथ व क्षतिपूर्ति 10 हजार, वाद व्यय 3 हजार रुपए देने के आदेश दिए हैं।

केस-2 : पांच साल में भी दुकान बनाकर नहीं दी

अरेरा कॉलोनी स्थित वसंत कुंज निवासी एसडी मेहता ने निहो कंस्ट्रक्शन के डायरेक्टर दीपक कपिल के खिलाफ याचिका लगाई थी। उपभोक्ता ने सेंटर प्वाइंट स्कॉटिश गार्डन के पास दुकान साल 2010 में बुक कराई थी। इसकी कीमत 10 लाख 55 हजार 660 रुपए थी। बिल्डर ने 3 साल में दुकान बनाकर देने को कहा था। इसके लिए उपभोक्ता ने 2 लाख 63 हजार 900 रुपए भी अदा कर दिए, लेकिन दुकान बनाकर नहीं दी गई। फोरम ने दो माह में 2 लाख 63 हजार 900 रु.14% ब्याज के साथ क्षतिपूर्ति, वाद व्यय भी देने के आदेश दिए हैं।

केस-3 : बिल्डर को देने होंगे रुपए

अयोध्या बायपास निवासी हेमंत पांडे ने एमपी नगर स्थित भारती बिल्डर्स के खिलाफ याचिका लगाई। उपभोक्ता ने दिसंबर 2013 में रेवांता सिटी प्रोजेक्ट में 17 लाख 50 हजार में एक μलैट बुक कराया था। लेकिन बिल्डर ने μलैट का निर्माण नहीं किया न ही कोई अधिपत्य उपभोक्ता को सौंपा है। इस कारण उपभोक्ता आज भी किराए के मकान में रह रहा है। फोरम ने आदेश दिया है कि बिल्डर दो माह के अंदर पैसे वापस देने के साथ 14% ब्याज भी दे। साथ ही मानसिक क्षतिपूर्ति 10 हजार व वाद व्यय भी तीन हजार रुपए दे।