73 खरीदी केन्द्रों में 13 ही खुले, चार लाख मीट्रिक टन गेहूं की रिकॉर्ड खरीदी कैसे होगी!

73 खरीदी केन्द्रों में 13 ही खुले, चार लाख मीट्रिक टन गेहूं की रिकॉर्ड खरीदी कैसे होगी!

जबलपुर  ।   शनिवार को सरौंद गेहंू खरीदी केंद्र में एसडीएम के दौरे के बाद वहां खरीदी शुरू हो गई है। लेकिन अन्य केन्द्रों में भर्राशाही हावी है। जिले में इस वर्ष जहां गेहूं का रकबा भी बढ़ा है ओर उपज भी काफी अच्छी आई है जिसकी वजह से 4 लाख मीट्रिक टन की बम्पर खरीदी का लक्ष्य शासन ने रखा है किन्तु केन्द्रों में व्याप्त भर्रा शाही की वजह से किसान व्यापारियों को अपनी उपज बेचने मजबूर हो रहे है। जानकारी के अनुसार जिले में कुल 73 केद्रों में गेहूं की खरीदी होनी है और ये खरीदी 1 मई तक होनी है। किसान पशोपेश में है कि इतनी जल्दी वे अपनी खरीदी केन्द्र में कैसे लाएंगे और अराजक व्यवस्था के बीच कैसे बेच पाएंगे। दरअसल बीते वर्ष करीब 3 लाख मीट्रिक टन की खरीदी की गई थी। इस वर्ष खरीदी सेंटर बढ़ाए गए है लेकिन यहां अव्यवस्था का आलम बना हुआ है। न बारदाना पहुंचा ने तुलाई मशीन जिले में लगभग 70 गेहूं खरीदी केन्द्र में किसी न किसी कारण से तुलाई नहीं हो पा रही है। कई केन्द्रों में बारदाना अभी तक नहीं पहुंचा है और किसान अपनी फसल खुले में डाल रखे है। वहीं मौसम भी अपने तेवर बार बार बदल रहा है। कई केन्द्रों में तुलाई मशीन नहीं पहुंची है अनेक केन्द्रों में मौजूदा तुलाई मशीन बिगड़ी हुई है। केन्द्रों में शेड एवं पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। चिलचिलाती धूप के कारण किसान भी नहीं पहुंच रहे है।

छोटे किसान बेच रहे व्यापारियों को

गेहूं खरीदी की समस्या को देखते हुए जहां छोटे किसाने अपनी उपज व्यापारियों को बेच रहे है। गेहूं का सामर्थन मूल्य शासन ने 18 हजार 40 रुपए रखा है। वहीं 160 रुपए बोनस भी संभावित है जबकि व्यापारी किसानों से 15 हजार रुपए प्रति क्विंटल गेहूं खरीद रहे है।

गांवगांव पहुंचे दलाल

सूत्रों की माने तो गांव गांव दलाल पहुंच गए है जो किसानों से उनकी उपज समर्थन मूल्य में बिकवाने के लिए प्रति क्विंटल 50 से 100 रुपए की दलाली की बात कर रहे है।