हाउडी मोदी...प्रधानमंत्री बोले- ‘आल इज वेल इन इंडिया’

हाउडी मोदी...प्रधानमंत्री बोले- ‘आल इज वेल इन इंडिया’
हाउडी मोदी...प्रधानमंत्री बोले- ‘आल इज वेल इन इंडिया’
हाउडी मोदी...प्रधानमंत्री बोले- ‘आल इज वेल इन इंडिया’
हाउडी मोदी...प्रधानमंत्री बोले- ‘आल इज वेल इन इंडिया’
हाउडी मोदी...प्रधानमंत्री बोले- ‘आल इज वेल इन इंडिया’
हाउडी मोदी...प्रधानमंत्री बोले- ‘आल इज वेल इन इंडिया’
हाउडी मोदी...प्रधानमंत्री बोले- ‘आल इज वेल इन इंडिया’

ह्यूस्टन। ह्यूस्टन रविवार को प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साझा कार्यक्रम का गवाह बना। यहां एनआरजी स्टेडियम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका में बसे भारतीयों से मुलाकात के कार्यक्रम ‘हाउडी मोदी’ का इंतजार सुबह करीब 11:10 बजे (भारतीय समयानुसार रात 9:40 बजे ) पूरा हुआ, जब भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कार्यक्रम में पहुंचे। सुबह 8:30 (अमेरिकी समयानुसार) बजे से शुरू होने वाला कार्यक्रम प्रारंभ हुआ तो दोपहर हो चुकी थी। मोदी ने ‘गुड मॉर्निंग ह्यूस्टन। गुड मॉर्निंग टेक्सास। गुड मॉर्निंग अमेरिका से संबोधन की शुरुआत की। हाउडी मोदी पूछने पर उन्होंने कहा- ‘आल इज वेल इन इंडिया’। इसके बाद पूरा स्टेडियम तालियों से गूंज उठा। मोदी ने ट्रंप की तारीफ करते हुए कहा- मैं उनके नेतृत्व, अमेरिका के प्रति उनके जुनून और अमेरिका को दोबारा महान बनाने के उनके संकल्प का भी कायल हूं। दोस्तो! हम भारत के लोग प्रेसिडेंट ट्रंप से जुड़ाव महसूस करते हैं। मोदी ने नारा सा लगाते हुए कहा- अबकी बार, ट्रंप सरकार।

जिनसे अपना देश नहीं संभल रहा, उन्हें 370 से दिक्कत

दुनिया जानती है। 9/11 हो या मुंबई में 26/11 हो, उसके साजिशकर्ता कहां पाए जाते हैं? जिन लोगों से अपना देश नहीं संभलता है, उन्हें भी 370 हटने से दिक्कत है। जो आतंक के समर्थक हैं और उसे पालते पोसते हैं। उनकी पहचान पूरी दुनिया जानती है।

पाकिस्तान को ट्रंप का कड़ा संदेश

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंच से पाकिस्तान का नाम लिए बगैर उसे कड़ा संदेश दिया। ट्रंप ने कहा- भारत और अमेरिका मिलकर इस्लामिक आतंकवाद से लड़ेंगे। सीमा सुरक्षा के लिए दोनों देश साथ काम करेंगे। दोनों देश अंतरिक्ष क्षेत्र में साथ आएंगे। मोदी के काम की तारीफ करते हुए ट्रंप ने कहा- प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के 30 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला। वह भारत के लिए अच्छा काम कर रहे हैं। ट्रंप ने कहा- व्हाइट हाउस में हमेशा भारत का अच्छा दोस्त रहा है, लेकिन दावा करता हूं कि इस वक्त व्हाइट हाउस में भारत का सबसे अच्छा दोस्त है।

वेलफेयर स्कीम आवश्यक होती हैं, लेकिन हम फेयरवेल को भी उतना ही महत्व दे रहे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ह्यूस्टन में बसे भारतीयों को देशभर में हो रहे बदलावों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि तेज विकास का प्रयास कर रहे किसी भी देश में अपने नागरिकों के लिए वेलफेयर स्कीम आवश्यक होती हैं। जरूरतमंद नागरिकों के लिए वेलफेयर स्कीम चलाने के साथ नए भारत के निर्माण के लिए कुछ चीजों (370)का फेयरवेल भी दिया जा रहा है। हमने जितना महत्व वेलफेयर को दिया है उतना ही फेयरवेल को भी दे रहे हैं। अगर पूरी दुनिया में सबसे कम कीमत पर कहीं डेटा उपलब्ध है तो वह देश है भारत। आज भारत में वन जीबी डेटा की कीमत एक डॉलर का भी चौथाई हिस्सा है। एक जीबी डेटा की वर्ल्ड एवरेज की कीमत इससे 25 से 30 गुना ज्यादा है। ये सस्ता डेटा भारत में डिजिटल इंडिया की एक नई पहचान बन रहा है। भारत में सेंट्रल और स्टेट गर्वनमेंट्स की करीब 10 हजार सेवाएं आॅनलाइन उपलब्ध हैं।

यूएस में 2.5 अरब डॉलर का निवेश करेगा भारत

भारत और अमेरिका ने एक अभूतपूर्व ऊर्जा सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं जिसके अनुसार द्रवीकृत प्राकृतिक गैस के निर्यात टर्मिनल में ढाई अरब डॉलर के निवेश के बदले भारत को 40 साल तक 50 लाख टन एलएनजी प्रतिवर्ष निर्यात की जाएगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अमेरिका के टेक्सास प्रांत की राजधानी में वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र की 17 बड़ी कंपनियों के सीईओ के साथ राउंड टेबल पर बातचीत की। इन कंपनियों की कुल संपत्ति दस खरब डॉलर है और इनका निवेश व कारोबार भारत समेत विश्व के 150 देशों में है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने जानकारी दी कि भारतीय पेट्रोलियम कंपनी पेट्रोनेट ने अमेरिका की एलएनजी क्षेत्र की कंपनी टेलुरियन के साथ 50 लाख टन एलएनजी प्रति वर्ष आयात करने के समझौते पर हस्ताक्षर किये हैं। पेट्रोनेट अमेरिका की टेलुरियन कंपनी के प्रस्तावित ड्रिμटवुड एलएनजी निर्यात टर्मिनल में 2.5 अरब डॉलर का निवेश करेगी जिसके बदले में टेलुरियन 40 वर्षों तक 50 लाख टन एलएनजी प्रतिवर्ष भारत को निर्यात करेगी। बैठक में मौजूद कंपनियों में बीपी, एक्सॉन मोबिल, स्क्लूमबरजर, बेकर ह्यूजेस, विंमर इंटरनेशनल, चेनियर एनर्जी, डोमिनियन एनर्जी, आईएचएस मार्केट, टोटल, वेस्टलेक कैमिकल्स और एमर्सन इलेक्ट्रिक के शीर्ष प्रतिनिधि और मुख्य कार्यकारी अधिकारी शामिल थे।

1 दिन में ह्यूस्टन की आबादी से डबल रिटर्न भरे गए

ये शायद आप ज्यादा जानते हैं, आज यूएस भारत की ई वीजा फैसिलिटी के सबसे बड़े यूजर्स में से एक है। एक समय था जब नई कंपनी के रजिस्ट्रेशन में दो तीन हμते लग जाते थे। अब 24 घंटे में नई कंपनी का रजिस्ट्रेशन हो जाता है। एक समय था जब टैक्स भरने में बहुत समय लगता था। रिफंड आने में महीनों लग जाते थे। इस बार 31 अगस्त को एक दिन में करीब 50 लाख लोगों ने आनलाइन आईटीआर भरा है। यानी सिर्फ एक दिन में 50 लाख रिटर्न यानी ह्यूस्टन की कुल जनसंख्या से भी डबल से ज्याादा। और दूसरी सबसे बड़ी बात जो टैक्स रिफंड महीनों में आता था वो अब हμते दस दिन में सीधे बैंक में ट्रांसफर हो जाता है।

ट्रंप के सामने पाक पर मोदी का करारा हमला

भारत अपने यहां जो कर रहा है, उससे कुछ ऐसे लोगों को भी दिक्कत हो रही है, जिनसे खुद अपना देश संभल नहीं रहा है। इन लोगों ने भारत के प्रति नफरत को ही अपनी राजनीति का केंद्र बना दिया है। ये वो लोग हैं जो अशांति चाहते हैं, आतंक के समर्थक हैं आतंक को पालते-पोसते हैं। उनकी पहचान सिर्फ आप नहीं, पूरी दुनिया अच्छी तरह जानती है। अमेरिका में 9/11 हो या मुंबई में 26/11 हो! उसके साजिशकर्ता कहां पाए जाते हैं? साथियों अब समय आ गया है, कि आतंकवाद के खिलाफ और आतंकवाद को बढ़ावा देने वालों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी जाए। मैं यहां पर जोर देकर कहना चाहूंगा कि इस लड़ाई में प्रेसिडेंट ट्रंप पूरी मजबूती के साथ आतंक के खिलाफ खड़े हुए हैं। एक बार आतंक के खिलाफ लड़ जाएगा राष्ट्रपति ट्रंप का जो मनोबल है हम सब मिलकरके उनको स्टैंडिंग ओवेशन देंगे।

ट्विटर: मंत्रियों ने ‘हाउडी मोदी’ का लोगो लगाया

भारत में मोदी सरकार के केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, जितेंद्र सिंह और पीयूष गोयल ने अपने ट्विटर हैंडल के अपना फोटो हटाकर हाउडी मोदी का लोगो प्रोफाइल पिक्चर में लगा लिया है। प्रोफाइल पिक्चर बदलने के बाद केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने देश के लोगों से ‘हाउडी मोदी’ इवेंट देखने का आग्रह किया।

उधर, इमरान की अमेरिका में बेइज्जती

अमेरिका पहुंचने पर एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भव्य स्वागत हुआ तो वहीं पाक पीएम इमरान खान की बेइज्जती हो गई। दरअसल, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान जब सऊदी के विमान से न्यूयॉर्क पहुंचे तो उनका स्वागत करने के लिए कोई बड़ा अमेरिकी अधिकारी मौजूद नहीं था। पाकिस्तान को शर्मिंदगी उस वक्त हुई जब इमरान के आगे रेड कार्पेट भी लगभग दो फीट का ही बिछा था।