साढ़े तीन साल में हो गए करोड़ों के भुगतान, अब 6 माह कौन रोक पाएगा

साढ़े तीन साल में हो गए करोड़ों के भुगतान, अब 6 माह कौन रोक पाएगा

जबलपुर ।   साढ़े तीन साल हो गए,नियमों से लगातार खिलवाड़ करने वाली डोर टू डोर कचरा कलेक्शन व्यवस्था को करोड़ों रुपए दे दिए गए। अब 6 माह में क्या होगा। यह बात बोलने वाले कोई विपक्ष के पार्षद या नेता प्रतिपक्ष नहीं बल्कि सत्ता पक्ष के एमआईसी सदस्य नवीन रिछारिया हैं,जो मंगलवार को बजट की तीसरे दिन की बैठक में बोल रहे थे। दरअसल विपक्ष ने 12 सौ ठेका कर्मियों की नियुक्ति और इनके भुगतान पर सवाल उठाए थे। इस पर अध्यक्ष ने व्यवस्था दी और आसंदी से निर्देश दिए कि सबसे पहले उन 12 सौ कर्मचारियों का एक माह का वेतन रोक दिया जाए और डोर टू डोर व्यवस्था में पार्षदों का अनिवार्य रूप से प्रमाणन किया जाए। सदन में खिंचा सनाका अध्यक्ष के निर्देश देने के बाद नवीन रिछारिया ने खड़े होकर बोलना चालू किया। उन्होंने विपक्ष की ऐसी भूमिका निभाई कि विपक्ष से कई पार्षदों ने उन्हें आकर माला तक पहना दी। हालाकि इस बीच सत्ता पक्ष में सनाका खिंचा रहा। नवीन ने साफ तौर पर आरोप लगाए कि इस बात को स्वास्थ्य प्रभारी खुद स्वीकार कर चुके हैं कि डोर टू डोर व्यवस्था आधी अच्छी है आधी खराब। इसका क्या आशय है। 3 दिन कचरा गाड़ी आती है और 10 दिन गायब रहती है। जब इस टेंडर को पास किया गया था तो पहली शर्त थी कि पार्षदों से प्रमाणीकरण लिया जाएगा,अन्यथा कंपनी का 30 फीसदी भुगतान रोका जाएगा। किसने भुगतान रोका,और कौन अब रोक पाएगा। नेता प्रतिपक्ष ने गिनाए आसंदी के निर्देश नेता प्रतिपक्ष राजेश सोनकर ने सदन में विगत साढ़े चार सालों में अध्यक्ष की आसंदी से दिए गए निर्देशों को बारी- बारी से गिनाते हुए कहा कि इनमें से एक भी निर्देश का पालन अधिकारियों ने नहीं किया।

विधायक का स्वागत

बैठक में दोपहर को केंट विधायक अशोक रोहाणी आए जिनका सदन में स्वागत किया गया और सदस्यों ने अपने विचार व्यक्त कर उनके विषय में बोला। इस मौके पर श्री रोहाणी ने अपनी विधायक निधि से नगर निगम को 2 ट्रैक्टर टैंकर देने की घोषणा की साथ ही अपने विस क्षेत्र में ननि द्वारा किए गए 15 कार्यों के भूमिपूजन के बाद निर्माण रुकने की जानकारी देते हुए इन कामों को चालू करवाने की अपेक्षा की। उन्होंने बजट में अधारताल, गोकलपुर और मानेगांव तालाब के सौंदर्यीकरण की मांग तथा अधारताल व मानेगांव में मुक्तिधाम बनवाने की मांग भी की।

आज भी होगी बैठक

बजट की स्थगित बैठक बुधवार को सुबह 11 बजे आयोजित की गई है। मंगलवार को सुबह 11.30 बजे से प्रारंभ बैठक को शाम 6 बजे स्थगित किया गया।

कोचिंग सेंटरों की 2 दिन जांच फिर सब यथावत

विधायक प्रतिनिधि मुकेश राठौर ने कहा कि कोचिंग सेंटरों की 2 दिन लाव-लश्कर के साथ जांच की गई और इसके बाद कार्रवाई रुक गई। इससे साफ समझ में आता है कि कार्रवाई के नाम पर औपचारिकता बरती गई है।

पार्षद मद के भुगतान पर विवाद

सदन में स्थगित बजट बैठक की शुरूआत 11.30 बजे हुई। बैठक की कार्रवाई प्रारंभ होने के बाद कांगे्रस पार्षद केवलकृष्ण आहूजा ने पार्षद मद के कामों का भुगतान न होने का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि महापौर ने कहा था कि 1 घंटे में अधिकारी इस बात का जवाब देंगे। कई दिन हो गए वह 1 घंटा नहीं हुआ।