डेढ़ सौ पुलिस कर्मचारियों की फौज पर 24 घंटे बाद भी नहीं मिला बच्चे का सुराग

डेढ़ सौ पुलिस कर्मचारियों की फौज पर 24 घंटे बाद भी नहीं मिला बच्चे का सुराग

भोपाल ।  कोलार थानांतर्गत ग्राम बैरागढ़ चीचली से रविवार की शाम को लापता हुए तीन साल के वरुण मीना का चौबीस घंटे बाद ही भी कोई सुराग नहीं लग पाया है। उसकी तलाश में एसपी से लेकर सिपाही स्तर तक डेढ़ सौ पुलिस कर्मचारियों की फौज लगाई गई थी। इसके अलावा परिवार और गांव के भी सैकड़ों लोग बच्चे की तलाश् में जुटे हुए हैं, लेकिन वरुण कहां चला गया, इसका पता नहीं लगाया जा सका। गांव वालों ने पूरा जंगली इलाका छान मारा और हर संदिग्ध स्थान पर छानबीन की है। पीड़ित परिवार की किसी से दुश्मनी नहीं और न ही अभी तक फिरौती के लिए कोई फोन आया है। ऐसे में सवाल यह है कि आखिर बच्चा कहां गायब हो गया।

सड़क पर अकेले नहीं जाता था वरुण वरुण

अपनी मां तृप्ति और पिता विपिन मीना का इकलौता बेटा है। पिता किसानी के साथ ही इलेक्ट्रिक का काम करते हैं, जबकि उसके दादा नारायण सिंह मीना वन विभाग में नौकरी करते हैं। वरुण का घर मुख्य सड़क से करीब दो सौ मीटर अंदर है। वह कभी भी अकेले मेन रोड पर नहीं जाता था। घर से केवल किराने की दुकान पर चाकलेट्स लेने जाया करता था। परिजन और पुलिस वालों ने किराने दुकानदार से पूछताछ की तो उसने बताया कि रविवार को बच्चा दुकान पर नहीं आया। गांव के किसी भी व्यक्ति ने किसी प्रकार की संदिग्ध कार को भी अंदर की तरफ आते- जाते नहीं देखा था। परिजन ने बताया कि उनकी किसी से दुश्मनी नहीं है। गांव के सभी लोग उन्हें सहयोग करते हैं। रविवार की शाम से गांव के सैकड़ों लोग उनके साथ बच्चे की तलाश में जुटे हुए हैं।