लेबर पार्टी जीती तो बच्चों को ब्रिटिश के अन्याय बताएगी

लेबर पार्टी जीती तो बच्चों को ब्रिटिश के अन्याय बताएगी

लंदन। ब्रिटेन में आम चुनाव 12 दिसंबर को हैं। चुनावों में मुख्य रूप से दो पार्टियां कंजरवेटिव पार्टी और विपक्षी लेबर पार्टी चुनावी मैदान में हैं। हाल ही में लेबर पार्टी ने अपने घोषणा पत्र में कहा, यदि उनकी पार्टी सत्ता में आती है, तो स्कूली बच्चे यह जान सकेंगे कि ब्रिटिश राज में लोगों के साथ किस तरह अन्याय किए गए थे। चुनाव के लिए पूरक घोषणापत्र जारी करते हुए लेबर पार्टी ने कहा कि उसकी सरकार बनने पर देश के स्कूलों में बच्चों को ब्रिटेन के औपनिवेशिक इतिहास और ब्रिटिश राज के अन्यायों के बारे में पढ़ाया जाएगा। पार्टी ने इसके लिए एक नया शैक्षणिक ट्रस्ट बनाने का वादा किया है। 

रेस एंड फेथ मैनिफेस्टो शीर्षक से जारी किया घोषणापत्र: लेबर पार्टी ने रेस एंड फेथ मैनिफेस्टो शीर्षक से पूरक घोषणापत्र जारी किया है। पिछले हμते पार्टी ने मूल घोषणापत्र जारी किया था, जिसमें जलियांवाला बाग नरसंहार के लिए औपचारिक माफी मांगने का वादा किया था। ब्रिटिश राज के दौरान अप्रैल, 1919 में अमृतसर में जलियांवाला बाग में जमा हुए निहत्थे लोगों पर जनरल डायर ने गोली चलवाई थी, जिसमें बड़ी संख्या में बच्चे, महिलाएं और बड़े- बुजुर्ग मारे गए थे। 

ब्रिटिश साम्राज्य की भूमिका के बारे में पढ़ाया जाना जरूरी

बच्चों को उपनिवेशवाद, अन्याय और ब्रिटिश साम्राज्य की भूमिका के बारे में पढ़ाया जाना बहुत ही महत्वपूर्ण है। यह बहुत बड़ा कदम होगा, जो हमारी बहुत पुरानी मांग को पूरी करेगा। - हर्सेव बैंस, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष इंडियन वर्कर्स एसोसिएशन आॅफ ग्रेट ब्रिटेन (आईडब्ल्यूए-जीबी) 

इधर पीएम जॉनसन ने भी जारी किया घोषणापत्र, ब्रेग्जिट पर दिया जोर

इससे पहले ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने रविवार को कंजरवेटिव पार्टी का चुनाव घोषणापत्र जारी किया। इसमें उन्होंने आम चुनाव में जीत सुनिश्चित करने के लिए ब्रेग्जिट और मितव्ययिता जैसे मुद्दों पर आगे बढ़ने का संकल्प दोहराया है। जॉनसन ने कहा कि हमारे पास जनमत संग्रह का सम्मान करने वाली स्पष्ट योजना है। हम इस पर आगे बढ़ेंगे और प्रत्येक व्यक्ति और उसके परिवार को लाभ पहुंचाने में अपना ध्यान केंद्रित करेंगे। विदित है कि जॉनसन ने जुलाई में अल्पमत सरकार का कामकाज संभाला था, लेकिन देश को यूरोपीय संघ से अलग करने में असमर्थ रहे थे। ऐसे में वह 12 दिसंबर को होने वाले चुनाव में हरहाल में बहुमत चाहते हैं।