वन मंत्री की लिखी नोटशीट पर उलझे आईएफएस अफसर

वन मंत्री की लिखी नोटशीट पर उलझे आईएफएस अफसर

भोपाल। वन मंत्री उमंग सिंघार द्वारा अपने ओएसडी को आवास आवंटन करने संबंधी पीसीसीएफ को लिखी गई नोटशीट मुख्यालय में चकरघिन्नी बन गई है। वरिष्ठ स्तर के अधिकारी एक माह से कार्रवाई को लटकाकर बैठे हैं। वहीं वन बल प्रमुख ने गेंद जिला वन मंडल अधिकारी के पाले में डाल दी है। उन्होंने इस पूरे मामले से पल्ला झाड़ लिया है। दरअसल, करीब एक माह पहले वन मंत्री ने एक नोटशीट, वन बल प्रमुख को लिखी थी कि चार इमली में स्थित वन विभाग का शासकीय आवास ई-8/26 आईएफएस अंकुर अवधिया (ओएसडी वन मंत्री) को आवंटित किया जाए। इस आवास में पिछले कई सालों से पीसीसीएफ स्तर के अधिकारी रहते आ रहे हैं। लिहाजा वरिष्ठ स्तर के अधिकारियों ने अवधिया को आवास आवंटित करने में वरिष्ठता का सहारा लिया। यह है पूरा घटनाक्रम वन मंत्री की नोटशीट वन मुख्यालय पहुंचते ही एक नोटशीट चली कि आवास आवंटन के लिए एक समिति है और पहले आओ पहले पाओ के आधार पर आवंटित किया जाता है। वन मंत्री ने जिस आवास के लिए लिखा है उसके लिए सीसीएफ एचयू खान ने पहले से आवेदन दे रखा है। खबर है कि पीसीसीएफ स्तर पर एचयू खान से इस आशय का पत्र लिया गया कि संबंधित आवास ई टाइप का है लेकिन उसके क्षेत्रफल को देखते हुए डी टाइप का घोषित किया जाए। इसके पीछे रणनीति थी कि डी टाइप का आवास घोषित होने पर आईएफएस अवधिया पात्रता से बाहर हो जाएंगे।

मंत्री की एक और नोटशीट पेंडिंग

वन मंत्री ने इसके पहले एक और नोटशीट वन मुख्यालय को लिखी थी। ये नोटशीट वित्तीय सलाहकार को वाहन आवंटित करने संबंधी थी। खबर है कि वन मुख्यालय ने यह कहते हुए मामला पेंडिंग कर दिया है कि जिस वाहन को आवंटित करने के लिए लिखा गया है वह वरिष्ठ स्तर के अधिकारी को उपलब्ध कराने का नियम है। वाहन के लिए कई अधिकारी कतार में हैं। लिहाजा वित्तीय सलाहकार को दो माह से वाहन आवंटित नहीं किया गया है।

मंत्री उमंग सिंघार ने लौटा दी थी नोटशीट

वन मुख्यालय ने वरिष्ठता के आधार पर आवास आवंटित करने की नोटशीट वन मंत्री के पास भेजी। मंत्री ने फिर आदेश दिए कि जो कहा गया है उसका पालन किया जाए। इस नोटशीटके बाद सीसीएफ एचयू खान ने संबंधित आवास की फिर से नाम कराने का आवेदन दे दिया। खबर है कि मामला डीएफओ भोपाल के पास भेज दिया गया है। एक सप्ताह बाद भी आवास आवंटन को लेकर ठोस निर्णय नहीं लिया जा सकता है।