‘दोस्तों! एक ही जिंदगी होती है, बर्बाद मत करना, जी लेना’, यह लिख आईआईटी छात्र ने लगाया मौत को गले

‘दोस्तों! एक ही जिंदगी होती है, बर्बाद मत करना, जी लेना’, यह लिख आईआईटी छात्र ने लगाया मौत को गले

हैदराबाद। आईआईटी हैदराबाद में एमटेक फाइनल ईयर के एक छात्र ने मंगलवार को अपने हॉस्टल के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। हॉस्टल के कमरे में उसका शव पंखे से लटकता मिला। इस साल ककळ हैदराबाद में सुसाइड का ये दूसरा मामला है। वाराणसी का रहने वाला मार्क एंड्रयू चार्ल्स सुसाइड करने से पहले आठ पन्नों का एक सुसाइड नोट छोड़कर गया है। इस नोट में उसने खराब नंबर और अच्छी नौकरी न मिल पाने की आशंका को आत्महत्या की वजह बताया है। उसने इस लेटर में अपने दोस्तों से कहा है- एक ही जिंदगी होती है इसे बर्बाद मत करना, जी लेना। फिलहाल आत्महत्या का केस दर्ज करके पुलिस मामले की जांच कर रही है।

मार्क ने लिखा मैं ठीक नहीं हूं

मार्क ने अपने सुसाइड नोट में लिखा है कि मेरे पास कोई जॉब नहीं है और शायद मिलेगी भी नहीं। कोई भी किसी असफल आदमी को नौकरी नहीं देता। मैं अपनी ग्रेड शीट देखकर हैरान हूं। सबकी तरह मेरे भी कुछ सपने थे लेकिन अब सब खत्म हो चुका है। इस तरह की पॉजिÞटिव बातें, हमेशा चेहरे पर मुस्कुराहट रखना, मैं ठीक नहीं हूं फिर भी लोगों से कहना कि मैं ठीक हूं।

एक ही साल में दूसरा केस

आईआईटी में इस साल ये आत्महत्या का दूसरा मामला है। इससे पूर्व फरवरी में थर्ड ईयर के स्टूडेंट ने हॉस्टल के 7वें μलोर से कूदकर सुसाइड कर लिया था।