अश्विन शर्मा की डायरी में भाजपा सरकार के पूर्व मंत्रियों के नाम पर लेनदेन की एंट्री

अश्विन शर्मा की डायरी में भाजपा सरकार के पूर्व मंत्रियों के नाम पर लेनदेन की एंट्री

भोपाल । सीएम के करीबियों पर आयकर छापों की कार्रवाई तीसरे दिन समाप्त हो गई। आयकर टीम चुनाव आयोग को जानकारी देने बाद दिल्ली रवाना हो गई। इधर, छापे में भोपाल के एनजीओ संचालक आश्विन शर्मा के ठिकानों से कुछ डायरियां और इलेक्शन बॉन्ड मिले हैं। यह बॉन्ड अडानी और टाटा कंपनियों के बताए जा रहे हैं। चंूकि, शर्मा ने खुद को भाजपा से जुड़ा बताया है, इसलिए आशंका जताई जा रही है कि यह बॉन्ड भाजपा के लिए खरीदे गए होंगे। छापे के दौरान डायरियों में भाजपा के तीन पूर्व मंत्रियों के नाम के आगे ‘35’ फिगर की एंट्री है। पूछताछ में शर्मा बताया कि उसके संबंध इन मंत्रियों से थे और रकम (35 हजार ) उसने मंत्रियों की गाड़ियों के टायर बदलवाने में खर्च की थी। जिन तीन पूर्व मंत्रियों के नाम के आगे कुछ रकम लिखी है वे तीनों इस बार भी विधायक चुने गए हैं। प्लेटिनम प्लाजा के निवासियों ने अफसरों को बताया कि पिछली सरकार के कुछ मंत्रियों का अश्विन के घर आना-जाना था।

भड़का चुनाव आयोग

नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने देशभर में चल रही आयकर विभाग की छापेमारी को लेकर मंगलवार को केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के चेयरमैन पीसी मोदी और वित्त मंत्रालय के राजस्व सचिव एबी पांडेय को तलब किया। आयोग ने केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ( सीबीडीटी ) और राजस्व विभाग को मौखिक चेतावनी देते हुए कहा है कि किसी भी राजनीतिक पार्टी या उनसे जुड़े लोगों पर कार्रवाई से पहले आयोग को सूचित किया जाना जरूरी है।

कक्कड़ पहुंचे हाईकोर्ट, कहा-देर रात में दरवाजा तोड़कर दाखिल हुई आईटी टीम

इंदौर। आयकर टीम द्वारा प्रवीण कक्कड़ पर कार्रवाई के बाद मामले में नया मोड़ आ गया है। कक्कड़ और उनके बेटे सलिल की ओर से मंगलवार को हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ में आयकर विभाग की कार्रवाई के खिलाफ याचिका दायर की गई। जस्टिस एससी शर्मा ने सुबह सुनवाई से इनकार कर दिया, जिसके बाद जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव और जस्टिस विवेक रुसिया की बेंच ने सुनवाई की। युगल पीठ ने अगली सुनवाई 11 अप्रैल को निर्धारित की। इसमें अध्यक्ष सीबीडीटी, सचिव वित्त मंत्रालय, मुख्य निर्वाचन आयुक्त भारत निर्वाचन आयोग, निदेशक आयकर विभाग, सचिव गृह विभाग मप्र शासन और पुलिस महानिदेशक मप्र पुलिस को पक्षकार बनाया गया है। वहीं, कक्कड़ ने दावा किया कि आयकर छापा पूरी तरह से राजनीतिक कार्रवाई थी। विभाग को मेरे खिलाफ कुछ भी नहीं मिला, जिसे आपत्तिज नक कहा जा सके। वे रविवार सुबह 03:30 बजे के आसपास दरवाजे तोड़कर मेरे घर में घुसे थे। मेरे घर में घुसने का उनका तरीका गलत था।