रेलवे स्टेशन के साथ ट्रेन के दरवाजों पर भी सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाएं

रेलवे स्टेशन के साथ ट्रेन के दरवाजों पर भी सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाएं

भोपाल। रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करें, ताकि कोई भी अवांछित तत्व न तो स्टेशन के अंदर प्रवेश कर पाए और न ही बाहर जा पाए। इसलिए स्टेशन पर जहां-जहां जरूरी हो, वहां फैंसिंग अथवा दीवाल बनाई जाए। इस आशय के निर्देश पुलिस महानिदेशक विजय कुमार सिंह ने राज्य स्तरीय रेल सुरक्षा समिति की बैठक में संबंधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा रेलवे स्टेशन परिसर में पर्याप्त संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाने के साथ-साथ ट्रेन की हर बोगी के दोनों दरवाजों पर भी सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रयास करें। साथ ही इस बात का व्यापक प्रचार-प्रसार करें कि स्टेशन परिसर एवं ट्रेन में आने वाला हर व्यक्ति कैमरे की निगरानी में है। भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा रेलवे सुरक्षा व्यवस्था की नियमित मॉनीटरिंग व समीक्षा के लिए पुलिस महानिदेशक की अध्यक्षता में गठित राज्य स्तरीय रेल सुरक्षा समिति की चतुर्थ बैठक शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय में आयोजित हुई। बैठक में रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए आरपीएफ, जीआरपी, मध्यप्रदेश पुलिस एवं रेलवे के अधिकारियों के बीच गहन विचार मंथन हुआ। बैठक में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक रेल अरुणा मोहन राव, आईबी के संयुक्त निदेशक बलवीर सिंह, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो आदर्श कटियार, पुलिस महानिरीक्षक कानून व्यवस्था योगेश चौधरी, पुलिस महानिरीक्षक रेल जयदीप प्रसाद, आरपीएफ की पांचों जोन के प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त, डीआरएम रतलाम व एडीआरएम भोपाल, मध्यप्रदेश रेल पुलिस की तीनों इकाईयों के पुलिस अधीक्षक, आरपीएफ की विभिन्न इकाईयों के कमांडेंट एवं रेलवे के सीनियर ट्रेक इंजीनियर सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे।

नक्सल प्रभावित जिलों में विशेष निगरानी पर बल

डीजीपी सिंह ने प्रदेश के नक्सल प्रभावित बालाघाट व मंडला क्षेत्र के रेलवे स्टेशनों पर विशेष एहितयात बरतने एवं अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा हर रेलवे जोन में डॉग व बम निरोधी दस्ते पूर्णत: सक्रिय रहें। साथ ही बम विनष्टीकरण उपकरणों की पर्याप्त व्यवस्था रखी जाएं। सिंह ने कहा जीआरपी, आरपीएफ एवं पुलिस आपसी समन्वय बनाकर काम करें और रेलवे सुरक्षा को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए सतत रूप से सूचनाओं का आदान-प्रदान भी करते रहें।

बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा पर करें फोकस

महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा पर विशेष फोकस रखने पर जोर देते हुए डीजीपी ने कहा चाइल्ड हेल्प लाइन का व्यापक प्रचार करें। साथ ही चाइल्ड हेल्प लाइन ग्रुप बनाएं। स्टेशन परिसर सहित जगह-जगह पर महिलाओं एवं बच्चों से संबंधित हेल्प लाइन के नंबर लिखें। उन्होंने ट्रेनों पर पत्थरबाजी की घटनाओं को रोकने के लिए स्थानीय पुलिस की मदद लेकर जन-जागरण कार्यक्रम चलाने के लिए कहा। सेना भर्ती रैली के दौरान विशेष एहितयात बरतें। जीआरपी और आरपीएफ मिलकर ऐसी व्यवस्था बनाएं, जिससे हर ट्रेन व स्टेशन पर फोर्स की पर्याप्त मौजूदगी बनी रहें। रेलवे स्टेशन पर बगैर चरित्र सत्यापन के किसी भी वेंडर को खान-पान व अन्य सामग्री बिक्री करने की अनुमति न दें।

हर स्टेशन पर हो थाने की जगह

बैठक में डीजीपी ने रेलवे के अधिकारियों से कहा गया कि रेलवे स्टेशन के उन्नयनीकरण के दौरान रेलवे थानों के लिए स्थान का प्रावधान जरूर करें। साथ ही मानव संसाधन में वृद्धि के लिए रेलवे पुलिस द्वारा प्रस्तावित पदों की अनुमति भी जल्द दिलाएं। रेलवे के अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि इस दिशा में प्रयास किए जाएंगे। रेलवे स्टेशनों के उन्नयन के प्लान को प्रशासन व पुलिस की सलाह से अंतिम रूप देने की बात भी कही गई, जिससे स्टेशनों के आस-पास यातायात की समस्या निर्मित न हो। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक रेल अरुणा मोहन राव ने रेलवे सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर प्रकाश डाला। पुलिस महानिरीक्षक रेल जयदीप प्रसाद ने गत बैठक का पालन प्रतिवेदन और वर्तमान का एजेंडा प्रस्तुत किया।