बिरयानी-पराठे खाकर सेहत बिगाड़ रहे हैं भारतीय

बिरयानी-पराठे खाकर सेहत बिगाड़ रहे हैं भारतीय

नई दिल्ली। दिल्ली और अहमदाबाद दाल फ्राई, भरवां पराठा और मटन बिरयानी आदि पकवानों के रूप में अतिरिक्त वसा (एक्स्ट्रा फैट) के प्रतिदिन उपभोग के मामले में सात महानगरों की सूची में शीर्ष पर हैं, जबकि हैदराबाद इस सूची में सबसे निचले स्थान पर है। हालिया सर्वेक्षण में ये तथ्य सामने आए हैं। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के सर्वेक्षण में सामने आया है कि पुरुष महिलाओं के मुकाबले ज्यादा वसा का सेवन करते हैं। यह सर्वेक्षण भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद-राष्ट्रीय पोषण संस्थान (आईसीएमआरए नआईएन) ने राष्ट्रीय पोषण निगरानी ब्यूरो के अध्ययन (2015-16), आईसीएमआर-एनआईएन, हैदराबाद के आंकड़ा संचय के आधार पर किया है। इस विश्लेषण की अंतर्राष्ट्रीय जीवन विज्ञान संस्थान- भारत (आईएलएसआई-भारत) ने पुष्टि की है।

नॉन वेज में होता है सबसे ज्यादा वसा

अतिरिक्त वसा दाल फ्राई, चावल, भरा हुआ पराठा, चुड़वा, बिसी बेले भात (कर्नाटक में चावल से बनने वाला व्यंजन) और पुलियोधरई यानि इमली के चावल जैसे व्यंजनों में अधिक होता है। आईसीएमआर के सर्वेक्षण में सामने गया कि मटन बिरयानी में चिकन बिरयानी या दाल से और मांसाहारी पकवानों से अधिक वसा होती है। इसमें यह भी पाया गया कि सभी मांसाहारी पकवानों में अतिरिक्त वसा की मात्रा बहुत ज्यादा होती है।