आधुनिक टैंक भेदी बम बनाने में OFK का सहयोग अब इजराइल भी करेगा

आधुनिक टैंक भेदी बम बनाने में OFK का सहयोग अब इजराइल भी करेगा

जबलपुर । आर्डिनेंस फैक्ट्री खमरिया में आधुनिक टैंक भेदी एमुनेशन तैयार करने चल रहे मैंगो प्रोजेक्ट में जहां रूसी तकनीशियन दल का सहयोग रहा है। इस प्रोजेक्ट के तहत रुसी बम बनाकर सेना को सप्लाई किए जा रहे है। यदि सब कुछ ठीक रहा तो ओएफके में इजराइल तकनीक से भी एंटी टैंक बम बनेगे। इसी सिलसिल में हाल ही में इजराइल के दल ने ओएफके दौरा किया तथा मैगो प्रोजेक्ट के तहत बन रहे एंटी टैंक बम के कार्य पर भी संतोष जाहिर किया है। भारत और इजराइल के बीच हुए समझौते के तहत आयुध निर्माण में इजराइल भारत को तकनीक सहयोग प्रदान कर रहा है। इजराइल भारतीय सेना को 125 एएम एंटी टैंक बम देने के साथ उसके निर्माण की तकनीक भारत को सौंपने तैयार है जिसके तहत ये बम भारत की ही आयुध निर्माणियों में बनने लगेंगे।

इजराइली दल ने किया दौरा

सूत्रों की माने तो गत सोमवार को एक दल ने इसी सिलसिले में सोमवार को आॅर्डिनेंस फैक्ट्री खमरिया का दौरा किया तथा फैक्ट्री में चल रहे बम निर्माण कार्य, मशीनरी तथा अन्य जरुरतों का निरीक्षण करने के साथ ही अन्य तकनीक पहलुओं का निरीक्षण किया।

पूर्व में बनते थे बम

उल्लेखनीय है कि ओएफके में पूर्व में इजराइल के सहयोग से 125 एमएम एंटी टैंक बम का उत्पादन होना रहा है किन्तु कतिपय कारण से इजराइली कंपनियों ने भारत की आयुध निर्माणियों से किनारा कर लिया। इजराइली वर्जन के अब बम यहां नहीं बन रहे है। वहीं सेना के पास मौजूद इजराइली फील्ड गन जो उपलब्ध है। उसको उसको भी अपग्रेड कर सारंग में तब्दील किया जा रहा है।

बमों को और अधिक बनाया जाएगा आधुनिक

इजराइल नई तकनीक से एंटी टैंक बम बनाने की तकनीक देना चाहता है। सूत्रों का कहना है निकट भविष्य में ओएफके में तैयार होने वाले इजराइली तकनीक के एंटी टैंक बम नए वर्जन के तथा अत्यधिक विध्वंशक होंगे। ये बम दुनिया के सबसे शक्तिशाली और आधुनिक टैंक की मौटी चादर भेद कर उसे नष्ट करने की क्षमता वाले होंगे। वर्तमान में ओएफके में रूस के सहयोग से टैंक भेदी बम बनाने का कार्य चल रहा है वह मैंगो प्रोजेक्ट के नाम से जाना जाता है। मैंगो प्रोजेक्ट के तहत बने बम सेना को लगातार सप्लाई भी ओएफके कर रहा है। ये बम भी दुनिया के सबसे मजबूत टैंकों को नष्ट करने में समर्थ है।