आसान नहीं है बेरोजगारों और गरीबों के लिए ‘नया सवेरा’

आसान नहीं है बेरोजगारों और गरीबों के लिए ‘नया सवेरा’

जबलपुर ।   सरकारें बदलती हैं,इससे उन योजनाओं की वाट लग जाती है जो बेहद गरीब तबके के लिए पिछली सरकार शुरू करती हैं। संबल योजना की जगह नई सरकार ने नया सवेरा योजना शुरू कर दी है,जिसके कारण पुराने बने सभी कार्ड अमान्य हो गए हैं। इनकी जगह नगर निगम अब नया सवेरा नाम से कार्ड बना रहा है मगर इन्हें बनवाना आसान काम नहीं है। नगर निगम में 15 जोन कार्यालय हैं जहां नया सवेरा कार्ड बनाए जा रहे हैं। सभी जोनों में 1-1 आपरेटर के भरोसे यह काम है। जोन कार्यालयों में इतनी अधिक भीड़ होती है कि यह 1 आपरेटर सभी तो क्या चौथाई कार्ड भी नहीं बना पाता। आवेदन लेने इन्हें वैरीफाई करने और कार्ड बनाने में लोगों को कई-कई चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। क्यों है जरूरी विगत सरकार ने 5 लाख रुपए तक का मुफ़्त उपचार के तहत योजना बनाई थी। इसके अलावा शासन की योजनाओं को जो कि गरीबी रेखा के नीचे के लोगों को मुहैया हैं,इनसे जोड़ दिया गया है। अब जिनके पास पुराने कार्ड हैं उन्हें योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। वहीं उपचार या पेंशन जैसी चीजों में संबल कार्ड को अमान्य बताकर नया कार्ड नया सवेरा मांगा जा रहा है। यहां बन सकते हैं कार्ड कियोस्क,सीएससी,लोकसेवा केन्द्र या यस बैंक में ये कार्ड बनवाए जा सकते हैं। वहीं अब कार्ड को आधार से भी लिंक किया जा रहा है जिससे वास्तविक श्रमिकों की पहचान की जा सके।

नए सिरे से बनना है कार्ड

राज्य सरकार ने नए कार्ड बनाने का फैसला लिया है। वास्तविक पात्र असंगठित क्ष्ज्ञेत्र के श्रमिकों की पहचान के लिए ही अब सारे कार्ड नए सिरे से तैयार होंगे। जिनके पास पुराने कार्ड हैं उन्हें कियोस्क,सीएससी या लोक सेवा केन्द्र से इन्हें बदलवाना होंगे। ऐसे लोगों को अपने साथ आधार के साथ लिंक मोबाइल नंबर भी लेकर जाना होगा। पुराना कार्ड दिखाने पर नया लेमिनेटिड कार्ड उसी दिन तत्काल मुफ़्त  में दिए जाने काप्रावधान है।

बजली उपभोक्ता भी लाभ से वंचित

राज्य सरकार ने बिजली सब्सिडी देने नया सवेरा कार्ड धारियों को पात्र माना है। ये कारण भी इन कार्डों को बनवाने मुख्य है। नया सवेरा कार्डधारियों को 100 यूनिट बिजली जलाने पर मात्र 100 रुपए बिल आएगा। इसके पहले संबल योजना में 200 रुपए प्रतिमाह बिल देना होता था। अब 100 यूनिट से ज्यादा बिजली जलाने पर नियामक आयोग द्वारा निर्धारित रेट पर बिल देना होगा।