रोड्स की तरह फील्डिंग करते थे जेएन भाया

रोड्स की तरह फील्डिंग करते थे जेएन भाया

इंदौर । वर्तमान क्रिकेट और होलकरकालीन क्रिकेट में बहुत ज्यादा फर्क है। आज खिलाड़ी काफी सुविधाओं के साथ मैदान पर उतरता है, जबकि उस जमाने मेें खिलाड़ियों के पास बहुत कम सुविधाएं थीं। इसके बावजूद उस समय के खिलाड़ी काफी बेहतर प्रदर्शन करते थे। हमारे साथ कर्नल सीके नायडू, कैप्टन मुश्ताक अली, हीरालाल गायकवाड़, सीटी सरवटे, वीबी निम्बालकर, सीएस नायडू जैसे जीनियस खिलाड़ी खेला करते थे। हमारे एक साथी जेएन भाया तो इतने चपल फील्डर थे कि बल्लेबाज उनके सामने से रन चुराने में डरते थे। वे दक्षिण अफ्रीका के जोंटी रोड्स की तरह फील्डिंग किया करते थे। ये बातें पूर्व क्रिकेटर सुमन कमानी ने इस संवाददाता से एक विशेष मुलाकात में कही। उन्होंने बताया कि कर्नल नायडू तो इतने माहिर थे कि दर्शकों की आवाज पर छक्का जड़ देते थे। वे सलामी बल्लेबाज के रूप में उतरते थे और आते ही चौके-छक्केजमाना शुरू कर देते थे।

प्रतिभाशाली थे अशोक

कमानी ने कहा कि मेजर एमएम जगदाले के बेटे अशोक जगदाले बेहद प्रतिभाशाली क्रिकेटर रहे। इनके स्टेट ड्राइव और आल ड्राइव देखने लायक होते थे। वे रणजी टीम के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ी हुआ करते थे और एक समय तो लगता था कि अब उनकी टेस्ट टीम में इंट्री होने वाली है, लेकिन अचानक उनका फार्म चला गया और वे चूक गए।