अवैध खनन से सरकार को माफिया हर दिन लगा रहा पांच करोड़ रुपए का चूना

अवैध खनन से सरकार को माफिया हर दिन लगा रहा पांच करोड़ रुपए का चूना

ग्वालियर। आर्थिक तंगी से जूझ रही प्रदेश सरकार के खजाने को खनिज माफिया चोट पहुंचा ही रहा है ग्वालियर-चंबल अंचल में यह कार्रवाई के लिए जाने वाले पुलिस अफसरों के लिए भी काल बना हुआ है। सरकार का चाबुक चलने पर कुछ दिन हलचल रहती है और उसके बाद फिर रेत माफिया सिंध नदी को खोखला करने में जुट जाता है। 26 नवंबर को टेंडर की तिथि बीतने के बाद जबतक नए ठेकेदारों को खदानें आवंटित होंगी तब तक करोड़ों का रेत यह लोग उलीच चुके होंगे। अलबत्ता खनिज मंत्री प्रदीप जायसवाल कहते हैं कि मै ग्वालियर-अंचल के अफसरों से बात करूंगा और अवैध खनन रोकने के लिए सख्त निर्देश दिए जाएंगे।फिलहार ग्वालियर-चंबल अंचल में अवैध रेत खदानों के चलते प्रतिदिन करीब पांच करोड़ के राजस्व की चोरी हो रही है। खनिज विभाग को सबकुछ पता है फिर भी अवैध खनन पर लगाम नहीं कस पाई है।

भिंड, ग्वालियर और दतिया में सबसे ज्यादा रेत खनन

अवैध खनन को लेकर सरकार के एक दिग्गज मंत्री भी रोना रो चुके हैं। राजस्व की चोरी सबसे ज्यादा भिंड, ग्वालियर और दतिया जिले में हो रही है। भिंड जिले में अवैध खनन लहार, रौन, मेहगांव तथा भिंड विधानसभा से जुड़े सिंध नदी के आसपास बसे गांवों में हो रहा है। अवैध खनन आधा दर्जन स्थानों से चंबल में भी जारी है। मुरैना में घड़ियाल सेंचुरी के कारण चंबल से रेत निकालने पर रोक हुई है। फिर भी माफिया बाज नहीं आ रहा। जिले में आईपीएस नरेन्द्र सिंह की पहले ही माफिया बलि ले चुका है।

खदानों के लिए डाले टेंडर

नई रेत पॉलिसी के तहत 26 नवंबर की तारीख प्रदेशभर में अंतिम थी। दिनभर बल्क में जिले पर अपना वर्चस्व बनाने के लिए आनलाइन टेंडर किए गए। खनिज अधिकारी गोविंद शर्मा कहते हैं कि एक दो दिन बाद जब टेंडर खुलेंगे तो पता चलेगा कि कौन सा जिला किसने खरीदा है। खबर है कि ग्वालियर और दतिया से कई दिग्गज नेता भाग्य आजमा रहे है।