मनमोहन को अब एसपीजी सुरक्षा नहीं, जेड प्लस सिक्योरिटी कवर में ही रहेंगे

मनमोहन को अब एसपीजी सुरक्षा नहीं, जेड प्लस सिक्योरिटी कवर में ही रहेंगे

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री की एसपीजी सुरक्षा हटाने का फैसला किया है। हालांकि, उनका जेड प्लस सिक्योरिटी कवर जारी रहेगा। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सोमवार को यह जानकारी दी। गृह मंत्रालय ने कहा कि संबंधित एजेंसियां समय-समय पर सुरक्षा की समीक्षा करती हैं। इसी आधार पर ये फैसला लिया गया। एसपीजी सुरक्षा में अब पीएम मोदी और गांधी परिवार (सोनिया, राहुल, प्रियंका) ही रहेंगे। एसपीजी एक्ट: 2003 में हुआ आखिरी संशोधन: एसपीजी का गठन 1985 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद किया गया था। 1988 में इससे संबंधित कानून संसद ने पास किया। कानून में पूर्व प्रधानमंत्रियों को इस सुरक्षा का पात्र नहीं माना गया था। वीपी सिंह सरकार ने 1989 में इसी आधार पर राजीव गांधी की एसपीजी सुरक्षा वापस ली थी। 1991 में उनकी हत्या हो गई तो संशोधन किया गया। प्रावधान दिया गया कि पूर्व प्रधानमंत्रियों, उनके परिवारों को पद से हटने के 10 साल बाद तक एसपीजी कवर मिलेगा। 2003 में पुन: संशोधन किया गया, जो अब तक लागू है। पूर्व प्रधानमंत्री को पद छोड़ने के एक साल बाद तक ही यह सुरक्षा मिलती है।