6 महीने में तैयार करना होंगे 25 जोन के मास्टर प्लान

6 महीने में तैयार करना होंगे 25 जोन के मास्टर प्लान

ग्वालियर। जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों द्वारा अभी तक वार्ड स्तर पर मनमर्जी के विकास कार्य करवाने का सिलसिला रुकेगा। क्योंकि अब निगम सीमा के 25 जोन कार्यालर्यों के लिए टीएंडसीपी की सलाह पर 6 माह में 66 वार्डोँ का मास्टर प्लान बनेगा। प्लान के लिए निगम कार्यालय में पत्र आने के बाद सलाह देने की शुरूआत की जा चुकी है। जोनल कार्यालय स्तर पर बनने वाले प्लानों के लिए तय गाइड लाइन में सबसे पहले सिविल सेवाओं, सड़कों की चौड़ाई, पार्किंग स्थलों के लिए, पर्यावरणीय कार्य व लैंड यूज अनुसार भूमि उपयोग प्रस्ताव हेतु भूमि चयनित करना होगी। इसी क्रम में अधोसंरचना विकास के लिए शुल्क, मार्गों से लगी भूमियों को परियोजना प्रभाव क्षेत्रों की सीमा विवरण देना होंगे और सुधार कार्यों के लिए सबसे पहले यातायात सुधार का प्लान, नाले-नदी के संरक्षण पर्यावरण सुधार, अव्यवस्थित विकास को पुनर्विकास में बदलने, वास्तुकला एवं हरित क्षेत्रों का संरक्षण, हार्वेस्टिंग, स्ट्रीट लाइटिंग जैसे कार्यों पर जोर देना होगा। वहीं वे हिसाब होते निर्माण कार्यों पर लगाम लगाने के लिए हाईट, तलों का विवरण, एफएआर व ओपन स्पेस के अलावा आकिटेक्चरल डिजाइनों का पुराने भवनों के अनुसार निर्धारण का पालन जरूरी किया है। सलाह लेने के लिए जा रहे टीएंडसीपी आॅफिस टीएंडसीपी कार्यालय से 25 जोनों का प्लान तैयार करने के निर्देश जारी होते ही संयुक्त संचालक ने सभी क्षेत्राधिकारियों को सलाह देने का सिलसिला शुरू कर दिया गया है। साथ ही बताया जा रहा है कि प्लान में किस किस चरण को पहले व बाद में पूरा करें।

चरणवार होगा प्लान का प्रारूप

अधिकारियों की मानें तो प्रारूप बनाने के चलते 25 जोन यानि 66 वार्डों में जल, विद्युत, सीवर व अधोसंरचना व्यवस्था व विकास के लिए चरणवार प्लान तैयार करना होगा। जिससे चुनाव के बाद कोई भी जनप्रतिनिधि व ट्रांसफर के बाद नए अधिकारी आने पर मनमर्जी का विकास कार्य रूक सके।