गेहूं की सरकारी खरीद में शंका होने पर फोटो से करेंगे मिलान

गेहूं की सरकारी खरीद में शंका होने पर फोटो से करेंगे मिलान

इंदौर  ।  मंडी में ऊंचे दामों पर क्वालिटी प्रोडक्ट बेचने वाले किसानों को 25 मई तक दस्तावेज मंडी समिति को जमा करने होंगे, चूके तो बोनस से हाथ धोना होगा। मंडी में गेहूं बेचने पर बोनस में फर्जीवाड़ा दिखा तो उपज बेचने आए किसान के फोटो को साक्ष्य बनाकर पोल खोली जाएगी। इस साल बोनस लेने वाले किसानों के आॅनस्पॉट उपज के साथ फोटो खींचे गए हैं। अब अंतिम दस दिन ही समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के शेष रहे हैं। 25 मई बाद मंडी में गेहूं बेचने पर किसान बोनस का हकदार नहीं होगा। राज्य सरकार ने पहली बार मंडी में भी गेहंू बेचने वाले किसानों को बोनस का हकदार माना था। बेहतर क्वालिटी के गेहूं का उत्पादन करने वाले किसानों को भी सरकार के बोनस का लाभ मिले, इसके लिए यह पहल शुरू की गई थी। शरबती, 147, मालवीय जैसे गेहूं का उत्पादन करने वाले किसानों ने मंडी में 2200 से 2600 रुपए क्विंटल तक गेहूं बेचा। उसके बाद भी उन्हें बोनस 160 रुपए का लाभ मिलेगा।

ये करना होगा पंजीयन के लिए

* किसान को पंजीयन कराने के लिए ऋण पुस्तिका और बैंक पासबुक की फोटोकॉपी लेकर जाना होगा। पंजीयन के बाद किसान को प्याज बेचने के लिए संदेश भेजकर न्योता दिया जाएगा।

* मार्केटिंग फेडरेशन केवल फेयर एवरेज क्वालिटी (एफएक्यू) का ही प्याज खरीदेगी। गीला, सड़ा, छोटा प्याज नहीं खरीदा जाएगा। अच्छी क्वालिटी का प्याज ही 8 रुपए किलो तक लिया जाएगा।