मी लॉर्ड, चिदंबरम 74 साल के हैं, घर का खाना मंगाने दिया जाए, कोर्ट ने कहा- जेल की रोटी खानी पड़ेगी

मी लॉर्ड, चिदंबरम 74 साल के हैं, घर का खाना मंगाने दिया जाए, कोर्ट ने कहा- जेल की रोटी खानी पड़ेगी

नई दिल्ली। पूर्व केंद्रीय वित्तमंत्री पी. चिदंबरम द्वारा दायर नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि जेल में सभी के लिए एक समान भोजन उपलब्ध है, कोई घर का खाना नहीं मंगवा सकता। कोर्ट ने आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले में तिहाड़ जेल में बंद चिदंबरम की याचिका पर सुनवाई के दौरान गुरुवार को यह टिप्पणी की। चिदंबरम के वकील कपिल सिब्बल ने कहा, मी लॉर्ड, वह 74 वर्ष के हैं। उन्हें जेल में घर का बना हुआ खाना मंगवाने की अनुमति दी जानी चाहिए। मगर न्यायाधीश सुरेश कुमार कायत ने इंकार कर दिया। वहीं हाईकोर्ट ने चिदंबरम की जमानत याचिका पर गुरुवार को सीबीआई से जवाब मांगा। वहीं मामले पर अगली सुनवाई 23 सितंबर को होगी। इध दिल्ली की एक अदालत ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में सरेंडर के लिए चिदंबरम की याचिका पर अपना आदेश एक दिन के लिए सुरक्षित रख लिया। कोर्ट शुक्रवार को फैसला सुनाएगी।