पूर्व राज्यपाल सोलंकी सहित 195 की मीसाबंदी पेंशन रोकी

पूर्व राज्यपाल सोलंकी सहित 195 की मीसाबंदी पेंशन रोकी

ग्वालियर। राज्य सरकार द्वारा 28 दिसंबर 2018 को भौतिक सत्यापन के बाद सभी मीसाबंदियों की पेंशन भुगतान के आदेश जारी कर दिए थे लेकिन ग्वालियर प्रशासनिक अफसरों ने 235 मीसाबंदियों में सिर्फ 40 लोगों की पेंशन जारी की है। पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी की भी पेंशन अफसरों ने रोक ली। इसे लेकर लोकतंत्र सैनानी संघ के लोग 20 अगस्त को ग्वालियर में जुटेंगे और सरकार के खिलाफ आंदोलन की रणनीति तैयार करेंगे। राज्य शासन के आदेश के बाद सभी जिलों में पेंशन जारी हो गई लेकिन ग्वालियर में कतिपय कारणों से कई दिग्गज लोकतंत्र सैनानियों की पेंशन रोकी गई है। इनमें पूर्व राज्यपाल प्रो.कप्तान सिंह सोलंकी का भी नाम शामिल है। इनके अलावा प्रो.योगेन्द्र मिश्रा,विश्वनाथ मित्तल, प्रसिद्ध व्यंग्यकार राज चड्ढा, अन्ना जी कार्किडे, ज्ञान सिंह चौहान, एडवोकेट ज्ञान प्रकाश गर्ग,रामस्वरूप गुप्ता डबरा, इंजीनियर डीडी आर्य, पुनीत सक्सैना प्रमुख हैं। ग्वालियर के ऐसे कुल 195 लोगों की पेंशन रोकी गई है। यह पेंशन क्यों रुकी है , इसका जवाब प्रशासनिक अफसरों के पास नहीं है। प्रो.योगेन्द्र मिश्रा कहते हैं कि वे 19 माह तक मीसा में बंद रहे और वर्ष 2008 से अब तक निरंतर पेंशन ले रहे थे लेकिन बिना कुछ कारण बताए पेंशन रोक दी गई है। प्रो.मिश्रा कहते हैं कि कलेक्टोरेट में राजपूत बाबू ने मीसाबंदियों की पेंशन रोक रखी है। उसके पास 119 मीसाबंदियों की ऐसी सूची है जिसके बारे में पूछने पर वह जवाब नहीं देता है। सिर्फ इतना कहता है कि इस सूची में आधे से अधिक अपात्र हैं। पेंशन ले रहे लोग अपात्र किस कारण से हो गए, यह बताने वाला क लेक्टोरेट में कोई नहीं है।

कल बनेगी आंदोलन की रणनीति

पेंशन को लेकर लोकतंत्र सैनानी संघ के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव मदन बाथम कहते हैं कि जिन लोगों की पेंशन रुकी हुई है वे सभी लोग 20 अगस्त को दोपहर 12 बजे एक स्थान पर एकत्रित होंगे और सरकार के खिलाफ आंदोलन की रुपरेखा तैयार करेंगे। मदन बाथम कहते हैं कि अपने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए जब हम इंदिरा सरकार के खिलाफ लड़ सकते हैं तो ग्वालियर के अफसरों की औकात क्या है? संगठन के पदाधिकारियों मदन बाथम, मोहन विटवेकर, गुलशन गोगिया, ज्ञान प्रकाश गर्ग ने अंचल के सभी लोकतंत्र सैनानियों से आह्वान किया है कि वे ग्वालियर एकत्रित होकर पुन: एक बार अपने अधिकारों के लिए शंखनाद करें। इस बारे में कलेक्टर अनुराग चौधरी का मोबाइल आउट आॅफ कवरेज जाता रहा।