शीर्ष स्तर के 60% पदों को बाहर से बाहर से भरेगी मोदी सरकार

शीर्ष स्तर के 60% पदों को बाहर से बाहर से भरेगी मोदी सरकार

नई दिल्ली। केन्द्र की मोदी सरकार प्रशासन के शीर्ष स्तर पर बड़ी संख्या में बाहरी विशेषज्ञों की तैनाती पर विचार कर रही है। खास बात ये है कि ये तैनाती ना सिर्फ जॉइंट सेक्रेटरी, बल्कि लोअर डिप्टी सेक्रेटरी और डायरेक्टर लेवल पर भी हो सकती हैं। सरकार यह कदम प्रशासनिक कामों में विशेषज्ञता और बेहतरी लाने के उद्देश्य से उठा रही है। हाल ही में डिपार्टमेंट आॅफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग के सचिव ने अपने विभाग की एक बैठक ली थी। इस बैठक में सचिव ने एक प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं, जिसके तहत प्राइवेट सेक्टर के करीब 400 विशेषज्ञों को सेंट्रल स्टाफिंग स्कीम के तहत डिप्टी सेक्रेटरी और डायरेक्टर की पोस्ट पर भर्ती करने को कहा गया है। सरकार में सेंट्रल स्टाफिंग स्कीम के तहत डिप्टी सेक्रेटरी और डायरेक्टर स्तर के कुल 650 पद हैं। अब ऐसे में 400 पदों पर प्राइवेट सेक्टर के विशेषज्ञों की भर्ती का मतलब है कि प्रशासन के इन अहम पदों के 60 प्रतिशत पर निजी क्षेत्र के विशेषज्ञों का कब्जा हो जाएगा। 

भारतीय प्रशासनिक सेवाओं के माध्यम से भरे जाते हैं पद

अभी तक जॉइंट सेक्रेटरी और डायरेक्टर जैसे पद भारतीय प्रशासनिक सेवाओं के माध्यम से भरे जाते रहे हैं। वहीं डिप्टी सेक्रेटरी और डायरेक्टर के 650 पद केन्द्रीय सचिवालय सर्विस में प्रमोशन द्वारा भरे जाने हैं। सरकार इन पदों पर निजी क्षेत्र के विशेषज्ञों की भर्ती नहीं कर सकती, क्योंकि इसके लिए सरकार को केन्द्रीय सचिवालय सर्विस रूल्स, 2009 में बदलाव करने की जरुरत पड़ेगी। डिपार्टमेंट आॅफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग के अधिकारी फिलहाल निजी क्षेत्र के विशेषज्ञों की भर्ती के लिए भर्ती प्रक्रिया और योग्यता मापने की प्रक्रिया को अंतिम रुप देने में जुटे हैं।