30 हजार से अधिक बेशकीमती किताबें, लेकिन पढ़ने के लिए आते हैं दर्जनभर लोग

30 हजार से अधिक बेशकीमती किताबें, लेकिन पढ़ने के लिए आते हैं दर्जनभर लोग

भोपाल   जिला पुस्तकालय के छोटे से कमरे में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे राहुलकांत सराठे व दीपक मारण किताब पढ़ने में मसरूफ हैं। बार-बार पसीना पौंछ रहे हैं। भीषण गर्मी में तप रही एस्बेस्टोस की छत की वजह से दीवार पर टंगा पंखा भी राहत नहीं दे पा रहा है। ये हाल है टीटी नगर स्थित उस जिला पुस्तकालय का, जहां 30 हजार से ज्यादा बेशकीमती किताबों का खजाना है, लेकिन इंतजामों के नाम पर यहां पीने का पानी तक नहीं है। स्मार्ट सिटी के दायरे में आने के कारण पीडब्ल्यूडी ने भी मेंटेनेंस कराने से मना कर दिया है। नतीजतन दो साल में तेजी से पाठकों की संख्या घटी और अब पाठकों की संख्या 12 से 15 तक प्रतिदिन रह गई है। इसे अब 4 किमी दूर सरोजिनी नायडू स्कूल में शिμट करने योजना भी है।

22 हजार किताबें हो गइं चोरी

जिला पुस्तकालय में लगभग 30 हजार किताबें हैं। लिट्रेचर के अलावा महापुरुषों की किताबें हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की सामग्री उपलब्ध है। दिसंबर में यहां से 2200 किताबें चोरी हो गई थीं।

बॉटल में पानी लेकर आते हैं

लाइब्रेरी में अधिकांश पाठक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले हैं। पीने के पानी का इंतजाम नहीं होने वे पानी साथ लेकर ही आते हैं। लाइब्रेरियन यहां पानी की केन मंगवाती हैं। इसके अलावा गर्मी में सिर्फ पंखा ही सहारा है।