मप्र की भिंडी ने चीन को पछाड़ा,नेपाल के मार्केट पर कब्जा

मप्र की भिंडी ने चीन को पछाड़ा,नेपाल के मार्केट पर कब्जा

भोपाल। यह मध्यप्रदेश के साथ ही देश के लिए भी गर्व की बात होगी कि निमाड़ अंचल की भिंडी ने चीनी भिंडी को पछाड़कर नेपाल के मार्केट पर एकतरफा कब्जा कर लिया है। निमाड़ के बड़वानी, खरगोन और धार से रोजाना करीब पंद्रह ट्रक भिंडी नानस्टॉप ट्रकों के जरिए काठमांडू पहुंच रही है। इसमें बड़वानी के अंजड की भिंडी की डिमांड सबसे ज्यादा है। जी हां, ट्रेडवॉर में निमाड़ की भिंडी ने बाजी मार ली है। इसकी वजह है भिंडी की लंबाई, जोकि अधिकतम 4 इंच ही होती है। गहरे हरे रंग और बेहद मुलायम होने से इस भिंडी को हर खास-ओ-आम से लेकर स्टार होटलों में सर्वाधिक पसंद किया जा रहा है। इस भिंडी को बोने से लेकर तोड़ने तक प्रति एकड़ एक लाख रुपए का खर्च आता है, जबकि औसत भाव 20 से 22 रुपए किलो मिलता है। ऐसे में प्रति एकड़ दो से ढ़ाई लाख रुपए तक मिल जाते हैं, यानि प्रति एकड़ एक लाख रुपए की आय सुनिश्चित होती है।

28 से 30 रुपए प्रति किलो मिल रहा भाव

इस साल किसानों को इस भिंडी का भाव 28 से 30 रुपए किलो मिल रहा है। सुबह खेतों में व्यापारी फसल देखकर सौदा कर लेते हैं। तत्काल तुड़ाई शुरू होती है और शाम होते-होते भिंडी के फड़ सड़कों किनारे लग जाते हैं। यहां से व्यापारी भिंडी को छोटे लोडिंग वाहनों से अंजड़ तक लाते हैं। यहां भिंडी को गत्ते के छेद वाले 20 कि लो के डिब्बों में पैक करके ट्रकों से आधी रात तक रवाना हो जाती है।