पानी सप्लाई में नगर निगम के पंपों का फूला दम, हफ़्ते में तीन बार हो चुके हैं खराब

पानी सप्लाई में नगर निगम के पंपों का फूला दम, हफ़्ते में तीन बार हो चुके हैं खराब

भोपाल ।'  राजधानी में गर्मी के साथ ही पानी की मांग बढ़ने लगी है। जबकि कोलार, बड़ी झील और नर्मदा पंप हाउसों में लगे दो से तीन दशक पुराने पंप आधी क्षमता से ही काम कर पा रहे हैं। ऐसे में कम दबाव में पानी आना आम बात हो गई है। नतीजतन लोगों को जरूरत का पानी नहीं मिल रहा और आए दिन पंप खराब होने से दो से तीन दिन पानी सप्लाई रुक रही है। इसकी बानगी है कि शनिवार रात कोलार प्लांट के पंप अचानक बंद हो गए। जिन्हें दोबारा चालू करने में दो घंटे से ज्यादा वक्त लग गया। जबकि एक हफ़्ते पहले अहमदपुर पंप हाउस के सभी पंप खराब हो गए थे। नतीजा 50 हजार से ज्यादा आबादी को दो दिन पानी नहीं मिला। इसके महज तीन दिन बाद कर्बला पंप हाउस में सभी पंपों ने दम तोड़ दिया। नतीजा बड़ी झील के भरोसे रहने वाली करीब आठ लाख की आबादी को दो दिन पानी नहीं मिला। नगर निगम पुराने पंपों के मेंटेनेंस पर बीते तीन सालों में 15 करोड़ खर्च कर चुका है। जबकि 10 करोड़ रुपए में सभी पंप हाउसों के पंप बदले जा सकते हैं।'

पुरानी टेक्नोलॉजी वाले पंप आधी क्षमता से भी नहीं कर रहे काम

पुरानी टेक्नोलॉजी वाले पंप अपनी पूरी क्षमता से काम नहीं कर रहे। 60 फीसदी आबादी को पानी सप्लाई करने वाले कोलार पंप हाउस में 30 साल और नर्मदा के अहमदपुर पंप हाउस में 20 साल पुराने पंप लगे हैं। फिल्टर प्लांट तक कच्चा पानी लिμट करने वाले पंप हों या प्लांट से साफ पानी टंकियों तक लिμट करने वाले पंप सभी पुराने हो चुके हैं।

 

अहमदपुर पंप हाउस :दो दर्जन कॉलोनियों में अचानक ठप हो गई थी सप्लाई

नर्मदा वॉटर सप्लाई प्रोजेक्ट के अहमदपुर पंप हाउस में 2011 में लगे दो 270 एचपी के टरबाइन पंपों से पानी की सप्लाई होती है। जबकि 20 साल पुराने 215 एचपी के चार मोनों ब्लॉक पंप स्टैंडबाय में रखे हैं। इनमें से दो से पानी लिμट कर टंकियों तक पहुंचाया जाता है। जब ये खराब होते हैं स्टैंडबाय टरबाइन पंप चलाते हैं। लेकिन पांच दिन पहले एक पंप खराब होने से बागमुगालिया सहित दो दर्जन कॉलोनियों में पानी सप्लाई ठप हो गई थी।

बड़ी झील के पंप :बारबार खराब होने से पानी सप्लाई में आ रही परेशानी '

करबला, बैरागढ़ और याट क्लब पंप हाउस में लगे पंप बार-बार खराब होते हैं। इधर, तीन दिन पहले कर्बला पंप हाउस की मोटरें खराब होने से करीब आठ लाख की आबादी को दो दिन पानी नहीं मिला था। यहां चार मोनो ब्लॉक और दो टरबाइन पंप लगे हैं। तीन दिन पहले दो पंप अचानक खराब हो गए। स्टैंडबाय पंप चलाए गए, लेकिन वह पहले से खराब थे।

कोलार पंप :पूरी क्षमता से नहीं कर रहे काम

शहर की आधी आबादी को पानी सप्लाई करने वाले कोलार फिल्टर प्लांट के दो पंप हाउसों में चार-चार पंप लगे हैं। इनमें से एक-एक को स्टैंडबाय मोड पर रखा जाता है, लेकिन उम्रदराज होने की वजह से वह पूरी क्षमता से काम नहीं करते। ऐसे में पंप हाउस को रिनोवेट करने की जरूरत है। यहां 30 साल पुराने पंपों को बदलने के साथ बिजली लाइन आॅटो चेंजओवर की जरूरत है।