‘शिक्षा और फीस के स्तर को सुधारने की जरूरत’

‘शिक्षा और फीस के स्तर को सुधारने की जरूरत’

इंदौर। स्कूल-कॉलेजों में बढ़ती फीस तथा शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने तथा तेजी से बढ़ते कोचिंग क्लासेस तथा स्कूलों में ही कोचिंग क्लासेस की व्यवस्था लागू करने जैसे विषयों को लेकर शहर के गणमान्य लोगों ने राज्यपाल के समक्ष अपने अपने विचार रखे। इस मौके पर राज्यपाल ने सभी की बातों को ध्यान से सुना और आश्वासन दिया की इस दिशा में शिक्षा को अधिक से अधिक बढ़ावा देने तथा स्कूल कालेजों में फीस पर नियंत्रण लगाने का प्रयास किया जा रहा है। राज्यपाल लालजी टंडन रविवार शाम इंदौर में उच्च शिक्षा मंत्री , जीतू पटवारी के बिजलपुर स्थित निवास पहुंचे। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट, पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन, विधायकद्वय संजय शुक्ला एवं विशाल पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। राज्यपाल टंडन ने अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रहे लोगों से संवाद किया।

नागरिकों ने कहा - शिक्षा प्रणाली सरल करने की जरूरत

पूर्व कुलपति डॉ. भारत छापरवाल ने शिक्षा के सुधार पर अपनी बात रखते हुए कहा कि आज शिक्षा का जिस तरह से स्तर हो गया है उसमें सुधार की बहुत आवश्यकता है। प्रदेश में शिक्षा प्रणाली को आसान और सरल करने की जरूरत है।

जिस तरह से स्कूलों में फीस बढ़ रही, वह ठीक नहीं

चर्चा के दौरान शहर के कई प्रबुद्धजनों ने स्कूल कॉलेजों में जिस तरह से फीस का स्तर बढ़ता जा रहा है उचित नहीं है। शासन के पास एक ऐसा मापदंड होना चाहिए जिससे की स्कूल कॉलेज की फीस का स्तर एक समान रहे और छात्रों पर ज्यादा बोझ भी नहीं बढ़े। इस मौके पर वरिष्ठ पत्रकार राजेश चेलावत, प्रेस क्लब के अध्यक्ष अरविंद तिवारी, भरत मोदी आदि ने अपनी बातें राज्यपाल के समक्ष रखी।

पढ़ाई का खर्च तीन लाख तो ईमानदार कैसे हों

सामाजिक कार्यकर्ता किशोर कोडवानी ने कहा कि हम भ्रष्टाचार मिटाने की बात करते हैं। अगर परिवार में दो बच्चे की पढ़ाई पर ढाई से तीन लाख रुपए खर्च करते है तो वह ईमानदार कैसे हो सकता है।

कॉलेज के कमजोर बच्चों को पढ़ाएं प्रोफेसर

कुलपति रेणु जैन ने कोचिंग क्लासेस को लेकर अपनी बात रखते हुए कहा कि कॉलेजों में ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए की कॉलेज छूटने के बाद प्रोफेसर कॉलेज में ही कमजोर छात्रों की कोचिंग ले ताकि उनका कमजोर छात्रों का विकास हो सके।