लापरवाही : थर्माकोल की पट्टियों से भरी जा रही हैं दाता कॉलोनी ब्रिज की दरारें

लापरवाही : थर्माकोल की पट्टियों से भरी जा रही हैं दाता कॉलोनी ब्रिज की दरारें

भोपाल। पिछले साल बारिश में एयरपोर्ट रोड स्थित दाता कॉलोनी ब्रिज की दीवारों पर पड़ी दरारों को थर्माकोल शीट की पाइपिन (पट्टियों) से भरा जा रहा है। जबकि इस ब्रिज के दोनों तरफ इंटरलॉकिंग ब्लॉक निकाल कर इन्हें नए सिरे से लगाया जाना है। लेकिन लापरवाही का आलम ये है कि कंस्ट्रक्शन कंपनी ब्लॉक्स बदलने के बजाए उनके बीच पड़ी दरारों को थर्माकॉल की पट्टियों और सीमेंट लगाकर भर रही है। इस ब्रिज में बिना लोड टेस्ट ट्रैफिक शुरू कर दिया गया था। नतीजा ये हुआ कि जुलाई में बारिश के दौरान ब्रिज का कमजोर स्ट्रक्चर हैवी ट्रैफिक लोड सह नहीं पाया और उसकी प्रिकास्टेड वॉल फट गई और सीसी ब्लॉक भी निकलने लगे। ब्रिज की जांच कराई और फैसला लिया गया कि ब्रिज की दोनों तरफ की प्रिकास्टेड वॉल को हटाकर नए सिरे से बनाया जाएगा। शुरुआत में प्रिकास्टेड वॉल के सीसी ब्लॉक्स को निकाला गया ताकि नए लगाए जा सके, लेकिन बाद में काम रोक दिया। अब पुराने ब्लॉक्स के बीच में आई दरारे कम करने के लिए थर्माकॉल की पट्टियां लगाई जा रही हैं। दरअसल ब्रिज की प्रिकास्टेड वॉल के सीसी ब्लॉक्स के बीच गैप रहता है। लेकिन दाता कॉलोनी ब्रिज में ये गैप दरारों में बदल गया था। कंपनी ने ब्लॉक्स के बीच आए निर्धारित मानकों से ज्यादा गैप को भरने के लिए इनमें थर्माकॉल शीट की पट्टियां लगाना शुरू किया है। शीट के बगल से ब्लॉक में सीमेंट भरी जा रही है और सीमेंट सूखने के बाद थर्माकोल की पट्टी को निकाल दिया जाता है।

होता रहा हमारी जिंदगी का ट्रायल

लोड टेस्टिंग किए बिना दाता कॉलोनी ब्रिज ट्रैफिक के लिए खोलने वाली कंस्ट्रक्शन कंपनी सीडीएस हमारी जिंदगी पर ट्रायल करती रही और नेशनल हाइवे अथॉरिटी आॅफ इंडिया (एनएचएआई) के अफसर चुप्पी साधे रहे। जिस ब्रिज से महीनेभर से मुख्यमंत्री और तमाम वीआईपी गुजर रहे थे, उसकी टेस्टिंग के बारे में न तो एनएचएआई के अफसरों ने चिंता की न ही जिला प्रशासन और निगम के अफसरों ने।