निर्भया केस: दरिंदे पवन की कुटिल चाल नाकाम, सुप्रीम कोर्ट ने नाबालिग होने की बात खारिज की

निर्भया केस: दरिंदे पवन की कुटिल चाल नाकाम, सुप्रीम कोर्ट ने नाबालिग होने की बात खारिज की

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने निर्भया के गुनहगार पवन गुप्ता की नाबालिग होने वाली याचिका को सोमवार को खारिज कर दिया। पवन ने याचिका दाखिल कर कहा था कि वह अपराध के वक्त नाबालिग था। कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए साफ कहा कि अगर आप इस तरह अर्जी दाखिल करते रहेंगे तो यह अंतहीन प्रक्रिया हो जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा- अंतहीन प्रक्रिया न बनाए

एपी सिंह (पवन के वकील): पवन की जन्मतीथि 8 अक्टूबर 1996 है। इस तरह दिसंबर 2012 को जब अपराध हुआ था तब वह नाबालिग था। इसके लिए स्कूल का सर्टिफिकेट पेश किया गया और कहा गया कि ये दस्तावेज नए फैक्ट हैं। जस्टिस भानुमति : ये दस्तावेज 2017 का है और कोर्ट तब तक सजा दे चुकी थी। एपी सिंह : पुलिस ने जानबूझकर इस दस्तावेज को रिकॉर्ड पर नहीं रखा और ये साजिश हुई है। तुषार मेहता (सॉलिसिटर जनरल) : रिव्यू पिटिशन के सुनवाई के दौरान ये सवाल उठाया गया था लेकिन कोर्ट ने रिव्यू पिटिशन 9 जुलाई 2018 को खारिज कर दी थी। जस्टिस भानुमति : आपने पहले भी मुद्दा उठाया और खारिज हो गया इस तरह आप अर्जी दाखिल करते रहेंगे तो अंतहीन प्रक्रिया हो जाएगी।