अब आतंकियों की संपत्ति भी हो सकेगी जब्त, आतंकी गतिविधियों में लिप्त व्यक्ति भी घोषित होगा ‘आतंकी’

अब आतंकियों की संपत्ति भी हो सकेगी जब्त, आतंकी गतिविधियों में लिप्त व्यक्ति भी घोषित होगा ‘आतंकी’

नई दिल्ली। द अनलॉफुल ऐक्टिविटीज (प्रिवेंशन) अमेंडमेंट बिल 2019 (यूएपीए) यानी गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) विधेयक को बुधवार को लोकसभा से मंजूरी मिल गई। इसे 8 जुलाई को सदन में पेश किया गया था। इस बिल पर मतदान के दौरान सदस्यों को खड़े कराकर मत विभाजन कराया गया। विधेयक के पक्ष में 288 मत और विपक्ष में 8 मत पड़े। वहीं इसे स्टैंडिंग कमेटी को भेजे जाने की मांग पर कांग्रेस ने लोकसभा से वॉक आउट भी किया। विधेयक पर चर्चा के दौरान गृहमंत्री अमित शाह ने आतंकवाद के खिलाफ कड़े कानून की जरूरत पर जोर दिया। बिल में संगठनों के साथ ही आतंकी गतिविधियों में लिप्त व्यक्ति को भी आतंकी घोषित किए जाने का प्रावधान है।

आतंकी संगठनों की संपत्तियां हो सकेंगी जब्त

संशोधित कानून के तहत आतंकी संगठनों या आतंकियों की संपत्तियां जब्त भी हो सकेंगी। इसके लिए जांच अधिकारी को संबंधित राज्य के डीजीपी की पूर्व अनुमति की जरूरत होगी। अगर मामले की जांच एनआईए का कोई अफसर कर रहा हो तो संबंधित संपत्ति को जब्त करने के लिए संबंधित राज्य के डीजीपी की मंजूरी की जरूरत नहीं होगी।

शाह ने यासीन भटकल का दिया उदाहरण

संशोधित कानून के तहत संगठनों के साथ-साथ व्यक्तियों को भी आतंकी घोषित किया जा सकेगा। कानून में इसका प्रावधान क्यों करने की जरूरत पड़ी, इसे खुद अमित शाह ने बुधवार को लोकसभा में बताया। शाह ने आतंकी यासीन भटकल का उदाहरण देते हुए कहा कि एनआईए ने उसके संगठन इंडियन मुजाहिदीन को आतंकवादी संगठन घोषित किया था लेकिन भटकल को आतंकवादी घोषित करने के लिए कानून में कोई प्रावधान नहीं था। गृह मंत्री ने कहा कि इसी का फायदा उठाते हुए भटकल ने 12 आतंकी घटनाओं को अंजाम दिया।

आतंकवाद पर मोदी सरकार का सख्त संदेश

मोदी सरकार कई मौकों पर जोर देकर कहती आई है कि आतंकवाद पर उसकी नीति जीरो टॉलरेंस की है। यूएपीए बिल को लोकसभा की मंजूरी मिल चुकी है। इससे पहले एनआईए संशोधन बिल को लोकसभा के साथ-साथ राज्यसभा की भी मंजूरी मिल चुकी है। उस बिल के तहत एनआईए को देश से बाहर दूसरे देशों में भी भारत के खिलाफ आतंकवाद से जुड़े मामलों की जांच का अधिकार मिल गया है।

अर्बन नक्सल से कोई सहानुभूति नहीं: शाह

गृह मंत्री ने एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले के सवाल पर कहा कि देश में सामाजिक कार्यकर्ताओं की बड़ी आबादी सम्मानित जीवन जी रही है, लेकिन जो लोग वैचारिक आंदोलन का चोला पहनकर अर्बन नक्सलिजम को बढ़ावा दे रहे हैं, उन पर कठोर कार्रवाई होगी। हमारी सरकार की उनके प्रति बिल्कुल भी सहानुभूति नहीं है। शाह ने कहा, वैचारिक आंदोलन का चोला पहनकर वामपंथी उग्रवाद को हवा देने वालों को हमारी सरकार तनिक भी बर्दाश्त नहीं करेगी।