तमिलनाडु और हरियाणा की तर्ज पर 25 से 30 फीसदी कम होने चाहिए जमीनों के रेट

तमिलनाडु और हरियाणा की तर्ज पर 25 से 30 फीसदी कम होने चाहिए जमीनों के रेट

भोपाल ।  भोपाल में रियल एस्टेट कारोबार मंदी के दौर से गुजर रहा है। प्लॉट, मकान व μलैट के खरीददार नहीं मिल रहे हैं। वर्तमान में जिले की जमीनों का बाजार मूल्य कम हो गया है। इसके विपरीत कलेक्टर गाइडलाइन में जमीनों की कीमतें बाजार मूल्य से 30 से 40 फीसदी ज्यादा है। हरियाणा और तमिलनाडु की तर्ज पर राजधानी में भी कलेक्टर गाइडलाइन की दरें 25 से 30 फीसदी तक कम होनी चाहिए। यह सुझाव क्रेडाई अध्यक्ष नितिन अग्रवाल ने 2019-20 की नई गाइडलाइन को लेकर दिया है। उन्होंने अपने सुझाव में कहा है कि भोपाल में जमीनों के रेट बढ़ाने के बजाय घटाने की जरूरत है। इससे रियल एस्टेट कारोबार मंदी से उबर सकेगा। उन्होंने दो अन्य सुझाव भी दिए हैं। इसमें पहला जमीनों की रजिस्ट्री में लगने वाली स्टॉम्प ड्यूटी 9.3 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत होना चाहिए। यही नहीं, छत्तीसगढ़ की तरह पावर आॅफ अटॉर्नी के लिए 1000 रुपए स्टॉम्प शुल्क होना चाहिए, तभी रियल एस्टेट मार्केट में गति आएगी।

ज्वाइंट वेंचर एग्रीमेंट पर निर्भर हुआ कारोबार

क्रेडाई के अध्यक्ष ने अपनी आपत्ति में कहा कि भोपाल में जमीनों के रेट बढ़ने से रियल एस्टेट कारोबार ज्वाइंट वेंचर एग्रीमेंट पर निर्भर हो गया है। यह एक कांट्रैक्ट एग्रीमेंट की तरह है। उदाहरण के तौर पर एक किसान और बिल्डर आपस में कृषि भूमि को आवासीय कॉलोनी के रूप में विकसित करने के लिए एग्रीमेंट करते हैं । जमीन का डायवर्सन कराकर कॉलोनी विकसित करते हैं और प्लॉट का विक्रय करते हैं। ऐसे में जमीन किसान की रहती है, बिल्डर उस पर प्लॉटिंग कर अन्य डेवलपमेंट कराता है और प्लॉट बेचता है।

भोपाल में 353 लोकेशनों पर बढ़ाए जा रहे रेट

कलेक्टर गाइडलाइन में 353 लोकेशन के दाम बढ़ाने के प्रस्ताव हैं। इन लोकेशनों पर 5 से 55 फीसदी तक जमीनों के दाम बढ़ाने की तैयारी है। बिल्डरों का कहना है कि यदि जमीनों के रेट बढ़े तो रियल एस्टेट कारोबार और गिरेगा।

15 से 20 प्रतिशत कम होने चाहिए जमीनों के रेट

बंथिया लॉ चेम्बर के वाय एस बंथिया ने भी जमीन के रेट में बढ़ोतरी को गलत बताया है। उन्होंने आपत्ति में कहा है कि बीते 7-8 वर्षों में रियल एस्टेट कारोबार में गिरावट आई है। ऐसे में जमीन की कीमतों में 15 से 20 प्रतिशत की कमी होनी चाहिए।

अब तक 6 लोगों ने दर्ज कराई गाइडलाइन पर आपत्ति

कलेक्टर गाइडलाइन पर अब तक छह व्यक्तियों व संस्थाओं ने आपत्ति दर्ज कराई है। इसमें क्रेडाई के अध्यक्ष प्रमुख हैं। पांच आपत्तियां गाइडलाइन में बढ़ाए जा रहे जमीनों के रेट के बजाय महानिरीक्षक पंजीयन विभाग की ओर से लागू किए गए नए उपबंधों पर है। क्रेडाई के अध्यक्ष व बंथिया लॉ चेम्बर के वाय एस बंथिया ने ही अपनी आपत्ति गाइडलाइन की दरों पर पेश की है।

दावेआपत्तियां जमा करने आज अंतिम दिन

कलेक्टर गाइडलाइन पर दावे आपत्तियां पेश करने का बुधवार को अंतिम दिन है। यह आपत्तियां शाम 4 बजे तक वरिष्ठ जिला पंजीयन कार्यालय में जमा हो सकेंगी।