सोमवार को खुली कोर्ट, वकील आज नहीं करेंगे काम

सोमवार को खुली कोर्ट, वकील आज नहीं करेंगे काम

इंदौर   एक महीने का ग्रीष्मकालीन अवकाश रविवार को समाप्त होने के बाद सोमवार से कोर्ट में कामकाज शुरू हुआ। हालांकि, व्यवस्थाएं पहले की तरह ही रहीं, जिससे कामकाज पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। अवकाश खत्म होने के बाद जहां एक ओर पहले दिन कामकाज शुरू हुआ, वहीं दूसरे दिन वकीलों ने अपनी मांग को लेकर काम से विरत होने की पहले ही घोषणा कर रखी है। एक महीने का ग्रीष्मकालीन अवकाश समाप्त होने के बाद सोमवार को कोर्ट में कामकाज शुरू हो गया। प्रशासनिक जज एससी शर्मा और जस्टिस वीरेंदर सिंह की डिविजन बेंच ही रहेगी। रोस्टर में कोई बदलाव नहीं किया गया है। ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान प्रजेंटेशन नहीं लिए जाने के कारण पहले दिन वकीलों को अपने प्रकरण दायर करने में थोड़ा-सा वक्त जरूर लगा, लेकिन व्यवस्था बनी रही। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष अमरसिंह राठौर के मुताबिक अवकाश के दिनों में प्रकरण लेने की व्यवस्था की जाना चाहिए थी। उल्लेखनीय है कि 18 जून को स्टेट बार काउंसिल ने मध्यप्रदेश में न्यायिक कार्य से विरत रहने की घोषणा की है। हाल ही में यूपी की स्टेट बार काउंसिल अध्यक्ष की हत्या के बाद एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग को लेकर यह आह्वान किया गया है। इसकी घोषणा शनिवार को स्टेट बार काउंसिल अध्यक्ष शिवेन्द्र उपाध्याय ने पत्रकार वार्ता में करते हुए उन्होंने कहा कि कोर्ट परिसर व वकीलों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाते हुए सरकारों पर उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 2 दिन पूर्व उप्र स्टेट बार काउंसिल की नवनिर्वाचित अध्यक्ष दरवेश यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। इसी बात को लेकर वकीलों में आक्रोश देखा जा रहा है। वकीलों की सुरक्षा को लेकर वे प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग करते हुए 18 जून को वकीलों ने कार्य न करने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया है। ऐसे में प्रदेश के सभी 85 हजार वकील न्यायालयों में न्यायिक कार्य नहीं होगा।