विपक्षी दलों ने ईवीएम पर उठाए सवाल, 50% EVM's को वेरीफाई कराने की मांग

विपक्षी दलों ने ईवीएम पर उठाए सवाल, 50%  EVM's को वेरीफाई कराने की मांग

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के बीच ईवीएम का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। पहले चरण की वोटिंग के बाद कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने ईवीएम के साथ लगाए गए वीवीपैट के रिएक्शन टाइम और उससे निकलने वाली पर्चियों को लेकर गंभीर इल्जाम लगाए हैं। विपक्ष की मांग है कि कम से कम 50 प्रतिशत मतदान पर्चियों का मिलान ईवीएम से होना चाहिए और इस मांग के विपक्ष सुप्रीम कोर्ट का रुख करेगा। सेव डेमोक्रेसी नाम से रविवार को कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी, कपिल सिब्बल, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू समेत कई नेताओं ने दिल्ली में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। बैठक के बाद कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि ये बहुत जरूरी हो गया है कि 50 फीसदी ईवीएम को वेरीफाई कराया जाए। इसके लिए हम सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि ईवीएम को वेरीफाई कराया जाए। 

किसी ओर पार्टी को जा रहा है वोट

कांग्रेस नेता व वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने बताया कि ईवीएम में वोट डालने के लिए बटन दबाया गया तो उसके साथ लगी वीवीपैट मशीन से निकली पर्ची सिर्फ 3 सेकंड के लिए ही नजर आई। लोगों की ये भी शिकायत आई है कि उन्होंने जिस पार्टी को वोट दिया, वीवीपैट से निकली पर्ची दूसरी पार्टी का नाम निकलकर आया। यानी ईवीएम में छेड़छाड़ की गई है। 

आयोग नहीं उठा रहा है पर्याप्त कदम

अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, चुनाव आयोग ने कहा है कि अगर हम वीवीपैट से निकली पर्चियां गिनते हैं तो इसमें 5 दिन से ज्यादा वक्त लग जाएगा। हमने चुनाव आयोग से कहा है कि अपनी टीम बढ़ाएं क्योंकि इसमें 5 दिन का वक्त नहीं लगना चाहिए। सिंघवी ने आरोप लगाया, हमें नहीं लगता कि ईवीएम में गड़बड़ी के मुद्दे के निपटारे के लिए चुनाव आयोग पर्याप्त कदम उठा रहा है। 

तेलंगाना में गायब हो गए 25 लाख वोटर्स के नाम

इस दौरान वोटर लिस्ट से मतदाताओं के नाम गायब होने का मुद्दा भी उठाया गया। टीडीपी चीफ और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने आरोप लगाया कि तेलंगाना में तकनीक का गलत इस्तेमाल करते हुए 25 लाख मतदाताओं को वोटर लिस्ट से हटा दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि मतगणना में आए वोटरों की संख्या कैसे अलग हो सकती है। 

वोटर्स पर विश्वास है, लेकिन ईवीएम पर नहीं

कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने बताया कि हमें वोटरों पर विश्वास है, लेकिन मशीन पर नहीं है। उन्होंने कहा कि 12-24 घंटे के लिए ईवीएम हमें दे दो, हम चुनाव आयोग को दिखा देंगे कि मशीन से कैसे छेड़छाड़ होती है। सिब्बल ने बताया कि चुनाव आयोग से ईवीएम की शिकायत करने वाले विपक्षी दलों ने अब इस मसले को सुप्रीम कोर्ट में उठाने की रणनीति बनाई है। 

मैं भी इंजीनियर हूं, कुछ तो लोचा हो रहा : केजरीवाल

वहीं, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक व दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सीधे तौर पर ईवीएम में छेड़छाड़ का आरोप लगाया। केजरीवाल ने कहा, मशीनों में गड़बड़ी नहीं है, उनसे छेड़छाड़ की गई है। इन मशीनों को इस तरह डिजाइन किया गया है कि वोट सिर्फ बीजेपी को ही जाता है। केजरीवाल ने सवाल उठाते हुए पूछा कि ऐसा क्यों होता है कि जिन मशीनों में खराबी की शिकायत आती है, उनके वोट बीजेपी के पक्ष में ही जाते हैं? केजरीवाल ने कहा कि मैं एक इंजीनियर हूं, मैं भी चीजों को समझता हूं, कुछ तो लोचा है। केजरीवाल ने ऐसा कहते हुए बीजेपी को चुनौती दी और कहा कि बीजेपी वाले खुद को मर्द बताते हैं और चोरी भी करते हैं।