पाक के आतंकी ठिकानों पर हमला करने ग्वालियर से गए थे मिराज

पाक के आतंकी ठिकानों पर हमला करने ग्वालियर से गए थे मिराज

ग्वालियर। पाकिस्तान में मंगलवार तड़के हुई एयर सर्जिकल स्ट्राइक में तहलका मचाने वाले मिराज-2000 लड़ाकू विमानों ने ग्वालियर के महाराजपुरा एयरबेस से रात 1.30 बजे उड़ान भरी थी। सूत्रों के अनुसार इसके लिए एक सप्ताह से तैयारी चल रही थी और चार दिन से टेकड़ी में प्रशिक्षण दिया जा रहा था। यहां पर डिस्प्ले द्वारा बताया जा रहा था कि कितनी ऊंचाई से और किस टारगेट पर निशाना साधना है। एयरबेस के आसपास रहने वालों के अनुसार रात 12 बजे से ही मिराज की गर्जना सुनाई देने लगी थी, लेकिन लोगों को लगा कि यह सामान्य अभ्यास होगा। गौरतलब है कि जून 1985 में एयर मार्शल पीएस अहलूवालिया और एयर मार्शल अजीत भवनानी एयरफोर्स स्टेशन ग्वालियर लेकर आए थे। सुबह जब न्यूज चैनलों से पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों पर भारत द्वारा की गई एयर सर्जिकल स्ट्राइक की खबर आई तो महाराजपुरा, गोला का मंदिर और मुरार क्षेत्र के लोगों को समझ आया कि रात को मिराज की जो गर्जना सुनाई दे रही थी, इसी आॅपरेशन से जुड़ी थी। क्षेत्रीय नागरिकों के अनुसार मिराज लगभग 4.30 बजे वापस लौट आए। यह भी बताया जा रहा है कि दो दिन से रात में मिराज का अभ्यास चल रहा था। उस समय लोगों ने इसे आम दिनों जैसा अभ्यास ही समझा था। पीओके पर एयर सर्जिकल स्ट्राइक के बाद ग्वालियर एयरबेस पर हाई एलर्ट है। ग्वालियर एयरबेस से गए मिराज के बारे में आधिकारिक तौर पर अधिकारी कुछ नहीं बोल रहे हैं। सूत्रों की मानें तो ग्वालियर से मिराज विमानों को अंबाला, पठानकोट, आगरा होते हुए भेजा गया है। अगर यहां से फाइटर विमान उड़ते तो पाकिस्तान सतर्क हो जाता। यह भी बताया जा रहा है कि इतनी ज्यादा दूरी तय करने के दौरान विमानों में हवा में ही फ्यूल भरा गया होगा। फ्यूल विमान आगरा से साथ गए थे।

शहर में बना जश्न

जैसे ही शहरवासियों को पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर ग्वालियर से गए मिराज विमानों के हमले की खबर लगी लोग खुशी से झूम उठे और उत्साह में तिरंगा लेकर सड़कों पर उतर आए। महाराज बाड़ा और फूलबाग पर लोगों ने खुशी मनाते हुए मिठाई बांटी और अतिशबाजी चलाई।