परीक्षा शुरू होने के पांच मिनट पहले वाट्सएप पर लीक हुआ पेपर

परीक्षा शुरू होने के पांच मिनट पहले वाट्सएप पर लीक हुआ पेपर

भोपाल बरकउल्ला विश्वविद्यालय का एक सनसनी खेज खुलासा हुआ है। विदिशा की एक छात्रा के पास एग्जाम शुरू होने के पांच मिनट पहले उसके वाट्सअप पर पूरा पेपर आ जाता है। पेपर लीक होने की घटना पर कॉलेज प्राचार्य ने बीयू को सूचित किया है। वहीं, बीयू ने प्राचार्य को पत्र लिखकर एफआईआर दर्ज कराने की अनुमति दी है। बीयू वर्तमान में प्रथम और द्वितीय वर्ष की परीक्षाएं ले रहा है। अभी चंद पेपर ही हो पाए हैं। इस दौरान विदिशा के एक निजी कॉलेज के प्राचार्य ने बीयू को पत्र लिखकर पेपर के लीक होने की सूचना दी है। पत्र में बताया गया है कि छात्रा के मोबाइल पर वाट्सअप पर एग्जाम शुरू होने के पांच मिनट पहले पूरा पेपर पहुंच जाता है। ये पेपर बीयू के किसी कर्मचारी द्वारा छात्रा के मोबाइल नंबर पर वाट्सअप के माध्यम से भेजा जाता है। अधिकारियों की आपसी चर्चा के बाद बीयू प्रबंधन ने प्राचार्य को पत्र लिखकर प्रकरण को संबंधित थाने में दर्ज कराने के लिए जवाबी कार्रवाई करने के लिए कहा है। अब प्राचार्य पेपर लीक करने के संबंध में एफआईआर दर्ज कराएगा।

परीक्षा के पहले जमा होते हैं मोबाइल फोन

कॉलेज प्राचार्य का कहना है कि एग्जाम शुरू होने के पहले सभी विद्यार्थियों के मोबाइल परीक्षा हाल के बाहर स्विच आॅफ कर रखा दिए जाते हैं। इस दौरान उनका मोबाइल चेक नहीं किया जा सकता है। इसकी सूचना मिलने के बाद छात्रा को चिह्नित कर लिया गया है। इस संबंध में बीयू को पत्र दिया गया है। उनके जवाब के बाद एफआईआर दर्ज करा दी जाएगी।

15 मिनट पहले खुलते हैं पेपर

बीयू एक दिन पहले पेपर भेज देता है। एग्जाम शुरू होने के 15 मिनट पेपर के पैकेट खोले जाते हैं। बीयू अधिकारियों को संदेह है कि इसी दौरान कोई पेपर की फोटो खींचकर छात्रा के मोबाइल पर वाट्सअप के माध्यम से भेज देता है। प्रकरण में जांच होने के बाद एग्जाम सेंटर का भी खुलासा हो जाएगा कि पेपर कहां से लीक किया जा रहा है। जांच में प्रकरण का साक्ष्य के साथ खुलासा होता है,तो बीयू को सभी पेपर लीक होने की दशा में निरस्त करना होंगे।

पहले भी हो चुके हैं पेपर लीक

इसके पहले भी पेपर लीक होने की एफआईआर बीयू करा चुका है। इसमें एक विद्यार्थी द्वारा पुराने शहर में पेपर लीक करने का प्रकरण सामने आया था, लेकिन बीयू संबंधित विद्यार्थी की तलाश तक नहीं कर सकता है। इसके चलते दो साल में पेपर लीक करने का दूसरा प्रकरण फिर सामने आया चुका है। अब एफआईआर होने के बाद जांच में पता चलेगा कि पेपर कैसे छात्रा के मोबाइल पर वाट्सअप से पहुंच रहे।