जेल में गूंजे देशभक्ति से सजे गीत और भाई-बहन के अटूट प्रेम के तराने

जेल में गूंजे देशभक्ति से सजे गीत और भाई-बहन के अटूट प्रेम के तराने

भोपाल   सुर शंकरा म्यूजिकल ग्रुप के कलाकारों ने सेंट्रल जेल में म्यूजिकल प्रस्तुति दी। इस दौरान कलाकारों ने नए-पुराने गीतों के साथ देशभक्ति के तराने गूंजे। ग्रुप की दृष्टिबाधित गायिका बेबी फाल्गुनी पुरोहित ने ‘वंदे मातरम’ गीत पेश किया। इसी कड़ी में गीतिका लोहट में ‘देश रंगीला’ और राष्ट्रीय अवॉर्डी दृष्टिबाधित गायिका डॉ. दिव्यता गर्ग ने ‘रिमझिम गिरे सावन’ सुनाया। इसी क्रम में ग्रुप के प्रेसिडेंट सुरेश गर्ग ने ‘बड़ी दूर से आए हैं, प्यार का तोहफा लाए हैं’ गीत सुनाकर माहौल को खुशगवार बना दिया। इसके बाद गिरीश गर्ग ने ‘लिखे जो खत तुझे...’, बीएल रायकवार ने ‘है प्रीत जहां की रीत सदा...’, इरशाद खान ने ‘आ लौट के आजा मेरे मीत...’, नेतराज सोलंकी ने ‘ये दुनिया ये महफिल मेरे काम की नहीं...’और प्रतीक गर्ग ने ‘मां तुझे सलाम...’सुनाया। संगीत के इसी क्रम में मीना श्रीवास्तव ने मोसे मोरा श्याम रूठा..., निहारिका गर्ग ने पल-पल हर पल.., सपना राजानी ने बहना ने भाई की कलाई पर प्यार बांधा है..., कशिश शुक्ला ने ऐ मेरे प्यारे वतन..., आदित्य श्रीवास्तव ने ऐ वतन-ऐ वतन..., सीमा पुरोहित ने इतनी शक्ति हमें देना दाता..., शलभ सिंह ने ओ भोले... सुनाकर श्रोताओं को आनंदित किया। इसी क्रम में सरोज मिश्रा, कैलाशी वट्टी, प्रीतम सिंह, बांके बिहारी लाल ने भी गीत सुनाए। एंकरिंग इम्तियाज अहमद ने की।