बचपन में दोनों पैर में था पोलियो, अब सिखा रहे बॉलीवुड में मार्शल आर्ट...

बचपन में दोनों पैर में था पोलियो, अब सिखा रहे बॉलीवुड में मार्शल आर्ट...

भोपाल। मध्यप्रदेश नाट्य विद्यालय में इन दिनों मुंबई से आए मार्शल आर्ट ट्रेनर परवेज खान तायक्वांडो की ट्रेनिंग दे रहे है। इस ट्रेनिंग के दौरान एमपीएसडी के स्टूडेंट्स को तायक्वांडो का इस्तेमाल फिल्मों और ड्रामा में किस तरह किया जाता है यह सिखाया जा रहा है। साथ ही स्टूडेंट्स को यह भी बताया जा रहा है कि कैसे फिल्मों में इसका इस्तेमाल किया जाता है। इसमें उन्हें टारगेट से निश्चित दूरी, किक, पंच, आदि के बारे में बताया। परवेज कहते हैं कि पारसी थिएटर में लाठी, भाला, तलवार, हाथ से लड़ना आदि के दृश्यों को सबसे ज्यादा उपयोग किया जाता है। यह एक मॉर्डनाइजेशन का तरीका है जिसके अंतर्गत स्टूडेंट्स को तायक्वांडो सीखने का अवसर प्राप्त हुआ है। तायक्वांडो मूलत: नार्थ कोरिया से आया है। इस खेल को सीखने की खास वजह यह भी है कि इससे शरीर में फुर्ती आती है। साथ ही शरीर को लचीला भी बनाता है।